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यूपी में फिर होगा माफियाओं का राज!

Fri, 14 Mar 2014 12:01 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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हत्या, लूट, बलवा जैसे तमाम गंभीर आपराधिक मामलों से घिरे कई बाहुबली एक बार फिर लोकसभा चुनाव के समर में दस्तक देने की तैयारी में हैं।
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सिद्धांतों की बात करने वाले कई दल इन्हें अपने पाले में खींचने को बेताब हैं। सबकी नजर सीटें बढ़ाने की जुगत पर है।

वहीं कई बाहुबली ऐसे भी हैं जो बड़े दलों से मौका न मिलने पर क्षेत्रीय दलों के सहारे संसद में फिर दस्तक देना चाहते हैं। इन सूरमाओं की हसरतें और उनकी हसरतों पर एक नजर डालते हैं।

श्रावस्ती में अतीक और रिजवान की भिड़ंत

नेपाल की सीमा से सटे तराई की श्रावस्ती लोकसभा सीट सूबे की सबसे हॉट सीट में शामिल हो गई है। वजह, यहां से दो बाहुबली आमने-सामने ताल ठोकने को तैयार हैं।

इलाहाबाद की फूलपूर सीट से संसद का सफर कर चुके बाहुबली अतीक अहमद को सपा ने यहां से उतारा है तो बलरामपुर से सांसद रहे रिजवान जहीर उनसे किसी मायने में उन्नीस नहीं माने जाते।

गोंडा से बसपा से टिकट नहीं मिला तो रिजवान श्रावस्ती पहुंच गए अतीक को चुनौती देने। सपा और बसपा में रह चुके रिजवान इस बार पीस पार्टी से गरजेंगे।

भाजपा की लाइन में बृजभूषण

राम मंदिर आंदोलन से तिहाड़ तक की यात्रा करने वाले बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह भाजपा और सपा से होते हुए फिर भाजपा की लाइन में हैं।

हर दल को उनमें जिताऊ कैंडिडेट की छवि नजर आती है। यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें गोंडा से संसद पहुंचाने के बाद बलरामपुर के लिए बिना संकोच आजमाया तो सपा ने भी उन्हें कैसरगंज जैसी सीट पर उतारने में कोई संकोच नहीं किया।

वह अब तक अलग-अलग तीनों सीटों पर लड़े और जीते हैं। बृजभूषण को भाजपा इस बार कहां से आजमाएगी, इस पर रहस्य बना हुआ है।

बसपा ने खोजा मित्रसेन की काट

हत्या और लूटपाट जैसे तमाम गंभीर आरोपों में जेल की यात्रा कर चुके मित्रसेन यादव फैजाबाद लोकसभा सीट पर फिर अपनी ताकत दिखाने को तैयार हैं।

वह सपा की साइकिल पर बैठकर फिर संसद पहुंचना चाहते हैं। यादव बसपा में भी रह चुके हैं।

इस बुजुर्ग बाहुबली की धमक की काट के लिए बसपा ने कांग्रेस की तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाने के आरोपी पूर्व एमएलसी जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू को उतारा है।

मुख्तार का तो पूरा कुनबा ही मैदान में

अवध की इन सीटों के साथ ही कई माफिया पूर्वांचल की सीटों पर दस्तक देने वाले हैं।

इनमें पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड सहित तमाम मामलों के आरोपी विधायक मुख्तार अंसारी मऊ से तो उनके भाई अफजाल अंसारी बलिया से ताल ठोक रहे हैं।

मुख्तार ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने की दशा में खुद वाराणसी से ताल ठोकने का ऐलान कर रखा है।

जेल से चुनाव मैदान में उतरने जा रहे मुख्तार ने फिलहाल वाराणसी से अपनी बीवी अफशा अंसारी का नाम घोषित कराया है।

डीपी यादव, बृजेश सिंह, मुन्ना बजरंगी भी जुगत में

किसी जमाने में पश्चिमी यूपी के बड़े शराब कारोबारी रहे डीपी यादव गाजीपुर से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

मुख्तार से लेकर डीपी यादव तक, कौमी एकता दल वाले गठबंधन के जरिये संसद में अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। मुख्तार कौमी एकता दल के संस्थापक नेताओं में शामिल हैं।

पूर्वांचल के चुनावी समर में माफिया-बाहुबलियों की चर्चा हो तो मुन्ना बजरंगी और बृजेश सिंह के बिना पूरी नहीं हो सकती। बजरंगी जौनपुर से तो बृजेश सिंह चंदौली से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाग्य आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं बृजेश की पत्नी और बसपा एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह और भतीजा सुशील सिंह भी लाइन में हैं। अन्नपूर्णा बीएसपी तो सुशील भाजपा से टिकट की जुगत भिड़ा रहे हैं।

कहा यही जा रहा है कि इन तीनों में से कोई न कोई लोकसभा चुनाव की जंग में चंदौली में चुनौती जरूर पेश करेगा।

कुल मिलाकर यह बाहुबली परिवार पूरी कोशिश कर रहा है कि चंदौली से कम से कम एक चेहरे की धमक जरूर सुनाई दे।
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रमाकांत भी तैयार

आजमगढ़ से दबंग छवि के रमाकांत यादव भाजपा के सांसद हैं। सपा और भाजपा से वह कई बार लोकसभा पहुंच चुके हैं।

इस बार फिर वह अपने बाहुबल का एहसास कराने को तैयार हैं। देखने वाली बात होगी कि इस बार वह क्या गुल खिला पाते हैं।

रमाकांत यादव भाजपा ज्वॉइन करने से पहले बहुजन समाजपार्टी में भी रह चुके हैं।
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