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पंचायतों को परफॉर्मेंस ग्रांट में बड़ा घोटाला, अफसरों ने डकारे 107 करोड़ रुपये, 12 सस्पेंड

Mon, 16 Oct 2017 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली परफॉर्मेंस ग्रांट में 107 करोड़ रुपये के सरकारी धन की बंदरबाट में पंचायती राज विभाग के अपर निदेशकों समेत 12 अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी भूपेंद्र सिंह ने सेवानिवृत्त निदेशक पंचायती राज अनिल कुमार दमेले के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही विजिलेंस जांच कराने की घोषणा भी की है। घोटालेबाजों से आवंटित धनराशि की वसूली भी की जाएगी।
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राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने रविवार को यहां बापू भवन स्थित कार्यालय में मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परफॉर्मेंस ग्रांट बेहतर काम करने, ऑडिट कराने और आय बढ़ाने वाली ग्राम पंचायतों को दी जाती है। पंचायतों के चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई थी।

इसमें अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर मौजूदा निदेशक पंचायतीराज विजय किरन आनंद को जांच सौंपी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि षड्यंत्र और मिलीभगत करके बड़ी संख्या में अपात्र पंचायतों को सरकारी धन आवंटित किया गया।
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निदेशक समेत पूरी चयन समिति दोषी, सस्पेंड

मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि परफॉर्मेंस ग्रांट आवंटर के लिए ग्राम पंचायतों का चयन करने वाली तत्कालीन निदेशक पंचायतीराज अनिल कुमार दमेले की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय कमेटी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

कमेटी में शामिल अपर निदेशक (प्रशासन) राजेंद्र सिंह, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी पंचायतीराज केशव सिंह, अपर निदेशक (पंचायत) एसके पटेल बतौर सदस्य और उप निदेशक (पंचायत) गिरीश चन्द्र रजक को निलंबित कर दिया गया है।

सेवानिवृत्त हो चुके दमेले के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में देवरिया व सुल्तानपुर के तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी क्रमश: एसपी सिंह व अरविंद कुमार के साथ ही देवरिया के 6 एडीओ पंचायतों को भी निलंबित किया जा चुका है।

700 करोड़ की ग्रांट, 1798 पंचायतों को चयन, इनमें से 1123 में अनियमितता
दमेले की कमेटी ने 21 मार्च 2017 को 699.75 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए 1798 ग्राम पंचायतों का चयन किया। प्रारंभिक जांच में ही गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए निदेशक ने 26 जुलाई को परफॉर्मेंस ग्रांट की राशि खातों से निकालने और खर्च करने पर रोक लगा दी। तब तक 107 करोड़ रुपये खातों से निकाले जा चुके थे।
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