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सिगरेट कारोबारी की हत्या, लूटकांड का मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, बरामद हुआ ये सब सामान

Fri, 27 Dec 2019 02:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस की गिरफ्त में आया कारोबारी की हत्या का आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में आलमबाग और नाका पुलिस ने छह महीने पहले दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास सिगरेट कारोबारी मनोज भट्टाचार्या की हत्या व लूट के मामले में मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ राजू कश्यप को बृहस्पतिवार को दबोच लिया। आरोपी राजकुमार नाका के पानदरीबा का रहने वाला है।

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हत्या व लूट की साजिश रचने वाले आरोपी को पुलिस ने चारबाग स्थित तिवारी होटल के पास से पकड़ा। उसके पास से एक तमंचा, बाइक और लूटी गई रकम से 1.72 लाख रुपये बरामद हुए हैं। वहीं, इस वारदात में शामिल एक आरोपी फरार है। जबकि एक अन्य आरोपी ने दो दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस जेल जा चुके आरोपी को रिमांड पर लेगी।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, 30 जून की सुबह दिल्ली के सिगरेट के थोक कारोबारी कपिल बजाज उर्फ आशू तगादा करने लखनऊ पहुंचे। दिन भर तगादे के बाद रात करीब नौ बजे नाका के सिगरेट कारोबारी मनोज भट्टाचार्या के साथ ट्रेन पकड़ने एक्टिवा से निकले थे।

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लूट के बाद रकम का हुआ था बंटवारा

पुलिस की गिरफ्त में हत्या का आरोपी - फोटो : अमर उजाला
दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास पीछे से बाइक सवार बदमाशों ने टक्कर मार दी। इससे दोनों कारोबारी नीचे गिर गए और बाइक सवार बदमाश रुपयों से भरा ट्रॉली बैग छीनने लगे। विरोध पर एक बदमाश ने तमंचे से मनोज को गोली मार दी।

दूसरे कारोबारी ने विरोध किया तो उसके सिर पर तमंचे के बट से वार कर दिया और 17.50 लाख रुपयों से भरा ट्रॉली बैग लेकर भाग निकले। पुलिस ने घायल कारोबारी को ट्रॉमा में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।

प्रभारी निरीक्षक आलमबाग आनंद कुमार शाही के मुताबिक, राजकुमार ने कुबूला कि शैलेश व मोइनूज को 4.50-4.50 लाख रुपये, विशाल को चार लाख रुपये मिले। इसके बाद बची रकम उसके हिस्से में आई। राजकुमार के खिलाफ नाका व आलमबाग थाने में सात मुकदमे दर्ज हैं।

250 संदिग्धों से हुई थी पूछताछ
एएसपी पूर्वी के मुताबिक, वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने 250 संदिग्धों से पूछताछ की। इनकी सूची सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस सेल से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई। 15 संदिग्ध नंबरों की मॉनिटरिंग के बाद इस वारदात का पर्दाफाश हो सका।
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कारोबारी ने पहचान लिया था राजकुमार को

सीओ आलमबाग लालप्रताप सिंह के मुताबिक, राजकुमार को कारोबारी मनोज ने पहचान लिया। वारदात के दौरान मनोज ने राजकुमार से कहा कि तुम भी यह काम करते है। यह सुनकर लुटेरे ने उन्हें गोली मार दी। राजकुमार की गिरफ्तारी हुई तो उसकी शिनाख्त के लिए फोटो दिल्ली के कारोबारी कपिल बजाज उर्फ आशू के पास भेजा गया।

कारोबारी ने आरोपी के वारदात में शामिल होने की पुष्टि की। वारदात में राजकुमार के अलावा उसका भतीजा विशाल कश्यप, मोइनूज जफर अल्वी उर्फ मानू और शैलेश द्विवेदी उर्फ प्रवीण भी शामिल था। मोइनूज अल्वी बाजारखाला में हुई कारोबारी के मुनीम से लूट की वारदात में 13 दिन पहले गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, विशाल कश्यप की तलाश में पुलिस जुटी है। प्रभारी निरीक्षक नाका सुजीत कुमार दुबे के  मुताबिक, वारदात में शामिल शैलेश कुमार द्विवेदी पर गिरफ्तारी का दबाव बढ़ा तो उसने बीकेटी में 2003 में हुई लूट के एक पुराने मामले में दो दिन पहले कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 
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