महंत परमहंसाचार्य को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया।
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रौनाही के मुस्लिम इंटर कॉलेज में हिंदू बच्चों और मुस्लिम बच्चों में विवाद से नाराज अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत जगदगुरु परमहंसाचार्य ने बुधवार को रौनाही कूच का प्रयास किया तो प्रशासन सकते में आ गया।
कड़ी मशक्कत के बाद डीएसपी अयोध्या ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंचकर उन्हें रोका। पुलिस ने फिलहाल उन्हें हाउस अरेस्ट किया है। पुलिस के रोके जाने के बाद जगदगुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि अयोध्या के रौनाही में मुस्लिम द्वारा स्थापित विद्यालय में मुगल आक्रांताओ का महिमामंडन किया जा रहा है। विरोध करने पर हिंदू बच्चों को विद्यालय से निष्कासित किया गया।
उन्होंने कहा कि मैं दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर रौनाही जा रहा था। प्रशासन ने मुझे जबरन रोका है। दुखद है कि हिंदू देश मे धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। परमहंस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मामला का संज्ञान लें। विद्यालय की मान्यता रद्द किया जाय और प्रबंधक को जेल भेजा जाए।
उन्होंने ऐलान किया कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय में जाकर हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे और हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। अयोध्या में डॉ. राजेश त्रिपाठी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि महाराज जी को कार्रवाई के लिए आश्वस्त करते हुए उन्हें रौनाही जाने से रोका गया है ताकि शांति भंग ना हो।