समाजवादी पार्टी ने बिहार चुनाव में सम्मानजनक सीटें न मिलने के कारण जनता परिवार के महागठबंधन से नाता तोड़ लिया है।
सपा ने आरोप लगाया कि नीतिश कुमार और लालू यादव ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया जिस तरह से सपा की उपेक्षा की गई उससे पार्टी का अपमान हुआ है। सपा की संसदीय दल की बैठक के बाद राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने पत्रकारों को इस फैसले की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। राम गोपाल ने कहा, नीतिश, लालू को अपने उम्मीदवारों के ऐलान और सीटों के बंटवारे से पहले सपा से बात करनी चाहिए लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। रामगोपाल ने दावा किया, जितनी सीटें दे रहे हैं उससे ज्यादा सीटें जीतकर दिखाएंगे। मीडिया में ऐसी खबरें आती रही हैं कि इस महागठबंधन में सपा को पांच सीटें लड़ने की लिए दी जाएंगी।
इससे पहले सपा का जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बना था। गठबंधन ने सपा को महज पांच सीटें दी थीं। सीटों को लेकर कई दिनों से इस महागठबंधन में खींचतान चल रही थी।
इससे पहले महागठबंधन में जब सीटों को बंटवारा बुआ था तो जेडीयू और राजेडी ने 100-100 सीटें ली थी वहीं कांग्रेस को 40 और सपा को केवल 3 सीटें दी थी। बाद में फिर लालू ने अपनी दो सीटें सपा को दे दी थीं।
इस तरह जेडीयू 100 सीटें, आरजेडी 98 कांग्रेस 40 और सपा को पांच सीटें मिली थीं। इसके बाद से ही सपा नाराज चल रही थी। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के संसदीय दल की बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर लखनऊ में बैठक हुई। इसी बैठक में ये घोषणा की गई।