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राममंदिर की नींव खुदाई के लिए कानपुर से अयोध्या पहुंचीं मशीनें, 1200 स्थानों पर होगी पाइलिंग

Sat, 05 Sep 2020 10:10 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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कानपुर से अयोध्या पहुंची पाइलिंग मशीन - फोटो : amar ujala
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के नींव की मृदा परीक्षण रिपोर्ट आईआईटी चेन्नई से आ गई है। हालांकि अभी सीबीआरआई रुड़की की भूकंपरोधी रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यदायी संस्था एलएंडटी नींव निर्माण की वास्तविक डिजाइन को अंतिम रूप देते हुए खुदाई शुरू करेगी। इस बीच शनिवार को नींव में 1200 स्थानों पर 35 मीटर गहरी पाइलिंग के लिए कानपुर से मशीनें पहुंची हैं। 

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श्रीराम मंदिर के लिए नक्शा स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए अभूतपूर्व तरीकों से कंस्ट्रक्शन वर्क की मॉनिटरिंग और प्लानिंग की जा रही है। राम मंदिर का निर्माण जिस भूमि पर होना है, उस पर आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए 1200 स्थानों पर 35 मीटर गहराई तक की पाइलिंग की तैयारी की डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इनके भीतर लोहे का प्रयोग नहीं किया जाएगा, क्योंकि उसकी उम्र महज 100 वर्ष होती है।

पिछले महीने सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के विशेषज्ञों ने अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर पहुंच कर जमीन की गुणवत्ता की जांच की थी। जिस निर्धारित स्थान पर मंदिर बनना है वहां की 60 मीटर की गहराई तक सैंपल लिए गए हैं। सैंपलिंग की रिपोर्ट आईआईटी चेन्नई से अयोध्या पहुंच गयी है। एलएंडटी के इंजीनियर इस रिपोर्ट का अध्ययन करने में जुटे हैं। जबकि दूसरा काम मंदिर के भवन को भूकंप रोधी बनाए रखने का है। इसके लिए सीबीआरआई, रुड़की को जिम्मेदारी सौंपी गई है, अभी इस रिर्पोट के आने का इंतजार है। 
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नींव खुदाई के लिए राममंदिर परिसर पहुंची मशीन 
राममंदिर की नींव खुदाई व अन्य कार्यों के लिए रामजन्मभूमि परिसर बड़ी-बड़ी मशीनें पहुंचने लगी हैं। इसी क्रम में शनिवार को कानपुर से कासाग्रांडे मशीन अयोध्या पहुंची। बताया जा रहा है कि इसी मशीन से नींव की खोदाई का काम शुरू किया जाएगा। इस मशीन से नींव के पिलर के लिए खुदाई की जाएगी। राममंदिर की नींव के लिए दो सौ फीट गहराई तक खुदाई की जानी है। इसके लिए और भी मशीनों को मंगाया जा रहा है। बड़ी मशीनों को रामजन्मभूमि परिसर में लाने के लिए गेट नंबर तीन का प्रयोग किया जाएगा। वहीं मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है, परिसर स्थित जर्जर मंदिरों को गिराने का काम लगातार जारी है।

नींव खोदाई शुरू होने में अभी लगेगा एक माह
ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक राममंदिर की नींव खोदाई शुरू होने में अभी करीब एक माह का समय लग सकता है। विभिन्न संस्थाओं की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर की नींव का डिजाइन तैयार किया गया है। इसके मुताबिक, जितने हिस्से में मंदिर बनेगा वहां करीब 12 सौ स्थानों पर 35 मीटर गहराई की ‘पाईलिंग’ होगी। इन गड्ढों में मौरंग, गिट्टी और सीमेंट भरा जाएगा। ये मौरंग, गिट्टी और सीमेंट कहां से आएंगे? इसका निर्धारण आईआईटी, चेन्नई को करना है। आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड और सोनभद्र के इलाके की कुल 800 गिट्टी मंगाई है। जिसकी क्षमता लैब में जांची जाएगी। इसके अलावा बुंदेलखंड में केन और बेतवा नदी के किनारे मिलने वाली लाल मौरंग की 10 क्विंटल मात्रा आईआईटी, चेन्नई भेजी जाएगी।

मंदिर की मजबूती पर खास फोकस
मंदिर की मजबूती पर खास फोकस है। राम मंदिर के निर्माण में बाजार में मिलने वाला सीमेंट उपयोग में नहीं लाया जाएगा। आईआईटी चेन्नई इस बारे में रिसर्च कर रहा है कि किन खनिजों को मिलाकर ऐसा सीमेंट तैयार किया जाए जिससे मंदिर का भवन एक हजार साल तक सुरक्षित रह सके। इस पर विचार होगा कि राम मंदिर निर्माण में उपयोग होने वाले सीमेंट किस कंपनी का होगा, उस कंपनी का स्टैंडर्ड जांचा जाएगा। इसके बाद इस बात की भी जांच की जाएगी कि उस सीमेंट में और क्या मिलाया जाए जिससे उसकी शक्ति बढ़ जाए और इसके बाद ही सीमेंट का चयन होगा।
डॉ.अनिल मिश्र, ट्रस्टी, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

गेट तोड़कर रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेगी पाइलिंग ग्रील मशीन
राम मंदिर निर्माण के लिए एलएंडटी कंपनी की मशीन अयोध्या पहुंच गई है। लगभग तीन से चार मशीनें परिसर में मौजूद हैं जो कि मंदिर निर्माण के लिए बनाए जाने वाले फाउंडेशन को लेकर खोदाई करने का कार्य करेंगे। मंदिर के फाउंडेशन बनाये जाने के पहले नींव में 1200 पिलर को गलाए जाने का कार्य किया जाएगा यह कार्य जमीन के 200 फीट अंदर तक किया जाएगा जिसके लिए बड़ी पाइलिंग ग्रील मशीन अयोध्या पहुंच चुकी है। लेकिन अभी तक परिसर में प्रवेश नहीं हो सका है। सुरक्षा के अधिकारियों के साथ कई बार किये गए कोशिश के बाद भी नहीं ले जाया जा सका। अब परिसर के गेट नंबर 3 के मुख्य गेट के भाग को तोड़े जाने के बाद ही मशीन को परिसर में दाखिल कराया जाएगा।

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