लविवि में लूटा की आम सभा दोपहर 12:30 बजे से 3.30 तक चली। बैठक में सबके अपने-अपने मत थे। चौकी इंचार्ज के निलंबन, सीओ के तबादले और हाईकोर्ट द्वारा मामले का स्वत: संज्ञान लिए जाने से शिक्षकों का एक धड़ कार्य बहिष्कार वापस करना चाहता था।
वहीं, दूसरा एसएसपी पर कार्रवाई करने तथा हमला करने वालों की गिरफ्तारी होने तक कार्य बहिष्कार रखना चाहता था। एसएसपी ने हाईकोर्ट के सामने 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही है। इसे देखते हुए सोमवार को फिर आम सभा की बैठक होगी। इसमें कार्य बहिष्कार वापस लेने पर फैसला होगा।
लुआक्टा भी लूटा के साथ
लखनऊ यूनिवर्सिटी एसोसिएट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (लुआक्टा) भी लूटा के साथ खड़ी है। इसके अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने सहयुक्त कॉलेजों में कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही है। लुआक्टा के फैसले से सहयुक्त कॉलेजों में दाखिले के लिए चल रही काउंसलिंग पर फिर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
जेएनपीजी, नवयुग, कालीचरण, आईटी गर्ल्स जैसे कॉलेजों ने शुक्रवार के बाद शनिवार को काउंसलिंग शुरू करने की बात कही थी। लुआक्टा के निर्णय के बाद अब कॉलेज फिर से अपने फैसले पर विचार करेंगे।