लखनऊ। लविवि में सत्र 2020-21 पीएचडी प्रवेश के लिए अभी विद्यार्थियों को और इंतजार करना पड़ेगा। इस साल ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की तैयारी चल रही है, लेकिन अभी एजेंसी फाइनल नहीं हो पाई है। इससे अब प्रवेश परीक्षा एक महीने देरी से 15 अगस्त के बाद ही संभव होगी। विवि प्रशासन यूं तो अपने यहां पीएचडी प्रवेश परीक्षा 15 जुलाई को कराने की तैयारी में था। यही वजह रही कि जहां अभी यूजी-पीजी व प्रोफेशनल कोर्सों के आवेदन लिए जा रहे हैं, वहीं पीएचडी के आवेदन समाप्त हो चुके हैं। विश्वविद्यालय इस साल पहली बार पार्ट टाइप पीएचडी में भी प्रवेश लेने जा रहा है। लगभग डेढ़ महीने तक चली आवेदन प्रक्रिया में सामान्य पीएचडी की 448 व पार्ट टाइम पीएचडी की 92 सीटों के लिए कुल 4302 आवेदन आए हैं।
दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के आयोजन का तो निर्णय लिया, लेकिन अभी तक इसके लिए एजेंसी नहीं फाइनल हो पा रही है। जानकारी के अनुसार इसके लिए यूपी डेस्को से बात चल रही है, लेकिन तिथि और केंद्र फाइनल नहीं हो पाए हैं। विश्वविद्यालय इस साल लखनऊ के अलावा बनारस व गाजियाबाद में ही परीक्षा केंद्र बनाने की कवायद कर रहा है। जानकारी के अनुसार अब प्रवेश परीक्षा का आयोजन 15 अगस्त के बाद ही हो सकेगा। इसका असर यूजी-पीजी प्रवेश पर भी पड़ेगा। इस बारे में प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि इसी सप्ताह एजेंसी फाइनल कर प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित करेंगे।
बीएड प्रवेश परीक्षा भी एक कारण
विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि फाइनल न होने का एक कारण बीएड प्रवेश परीक्षा भी है। क्योंकि विश्वविद्यालय ही बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर रहा है। ऐसे में उसके काफी शिक्षक इसमें लगे हुए हैं। बीएड प्रवेश परीक्षा की तिथि भी तीन बार बदली जा चुकी है।
छात्रवृत्ति के लिए तीन छात्र शॉर्ट लिस्ट
लविवि के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा बीए अर्थशास्त्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने व एमए में प्रवेश लेने वाले एक विद्यार्थी को विद्या प्रकाश मेमोरियल छात्रवृत्ति दी जाएगी। विभागाध्यक्ष प्रो. एमके अग्रवाल की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि इसके लिए तीन छात्राएं शारा, जपनीत कौर व गरिमा सिंह शॉर्ट लिस्ट हुए हैं। अगर इसे लेकर किसी विद्यार्थी को कोई आपत्ति है तो वह 30 जुलाई तक विभाग में प्रत्यावेदन दे।