लगभग तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मामला शांत होने लगा। इसी बीच डॉ. रविकांत द्वारा एक अन्य पोस्ट शेयर करने से छात्र आक्रोशित हो उठे। इस पोस्ट में उन्होंने विवि प्रशासन पर सवाल खड़ा करने के साथ ही लिंचिग की तैयारी होने का भी उल्लेख किया। हालांकि थोड़ी ही देर में उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया और लिखा कि विवि प्रशासन के सहयोग और विद्यार्थियों से बातचीत से मामला सुलझ गया है लेकिन छात्रों ने उनकी पूर्व की पोस्ट का स्क्रीन शॉट ले लिया था। नाराज छात्रों ने परिसर के अंदर जाने वाले रास्ते पर ताला बंदकर सरस्वती प्रतिमा पर धरना शुरू कर दिया। शाम को प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी के कार्रवाई के आश्वासन पर छात्र माने।
विवि ने मांगा स्पष्टीकरण
लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रों की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित शिक्षक से अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसका पत्र भेजा जा रहा है।