लखनऊ के पीजीआई की प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.81 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रोफेसर को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया था।
पीजीआई की एसोसिएट प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.81 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एसटीएफ ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचिका टंडन को सीबीआई अफसर बन शातिर ने कॉल की थी। कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। पूरी रकम अलग-अलग कई खातों में ट्रांसफर करवाई थी। मामले में एसटीएफ ने एक महिला समेत 11 आरोपियों को जेल भेजा था। अब उसी गिरोह से जुड़े पांच और शातिरों को दबोचा है।
एसटीएफ डीएसपी दीपक सिंह ने बताया कि सीतामढ़ी बिहार के ऋषिकेश कुमार उर्फ मयंक, पटना के गोपाल कुमार उर्फ रोशन उर्फ राहुल, पटना के गणेश कुमार, चंदौली के मणिकांत पांडेय और वाराणसी के राजेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी उनसे ये लोग जुड़े पाए गए। बैंक खातों के विवरण की तफ्तीश करते हुए एसटीएफ इन सभी तक पहुंची।