कारण बताइए कि लखनऊ के वोटर आपको क्यों चुनें?
-इसलिए कि मैं अकेला प्रत्याशी हूं जो लखनऊ का निवासी हूं। मैं लोगों को छोड़कर नहीं भागूंगा। सुख-दुख, होली- दीवाली-ईद में उनके साथ रहूंगा।
राजनाथ सिंह तो प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे हैं, लेकिन काम नहीं अंगवस्त्र के नाम पर वोट मांग रहे हैं। मेरा उद्देश्य शहर का विकास है। (हंसते हुए...)जावेद को तो लखनऊ की स्पेलिंग ही नहीं आती।
आपकी नजर में शहर की प्रमुख समस्याएं क्या हैं?
-रिवर, वीवर(बुनकर) और सीवर। यानी नदी का प्रदूषण, उसकी साफ-सफाई और सुंदरीकरण। बुनकरों की समस्याएं और तीसरी शहर में सीवर की बहुत बड़ी दिक्कत है। जिसे मुझे दुरुस्त करवाना है।
अपनी लकीर खुद बनाने में विश्वास रखता हूं
प्रतिद्वंदियों की बात करें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से आपका मुकाबला है। अपने लिए क्या संभावनाएं देखते हैं?
-खुशनसीब होते हैं, वो लोग जिन्हें बड़ी चुनौतियों से टकराने का मौका मिलता है।
लोगों के समर्थन से उत्साह बढ़ता है और उत्साह से साहस दुगना हो जाता है। इसी साहस के बूते मैदान में उतरा हूं। मुझे कोई फर्कनहीं पड़ता कि प्रतिद्वंदी कौन है।
मैं आम लोगों के लिए संघर्ष करता हूं और अपनी लकीर खुद बनाने में विश्वास रखता हूं।
मैं कोई नया चेहरा नहीं हूं
अभी-अभी तो राजनीति में उभरकर आए हैं। फिर केंद्र जाने की इतनी जल्दी क्यों है?
-पहली बात तो यह कि राजनीति में, मैं कोई नया चेहरा नहीं हूं। दूसरे, अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों में रीता बहुगुणा जोशी एक चुनाव जीतीं, राजनाथ सिंह ने दो जीते।
जबकि मेरा तो यह तीसरा चुनाव है। इतना ही नहीं ‘आप’ के प्रत्याशी जावेद जाफरी बिलकुल नए हैं। मैंने पार्टी के निर्देशों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
शहर के विकास के लिए आपका एजेंडा क्या है?
-एजेंडा शहर की समस्याओं को दूर करना है। यानी रिवर, वीवर और सीवर की समस्याएं। इसके अलावा स्वास्थ्य, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, क्रिकेट स्टेडियम, आईटी सिटी, मेडिसिटी, मेडिकल कॉलेज और इन सबसे बढ़कर युवाओं के लिए रोजगार केअवसर मुहैया करवाना मेरी प्राथमिकताएं हैं।