सहारनपुर के विद्युत वितरण उपखंड-द्वितीय बेहट में बिजली कनेक्शनों में हेराफेरी कर पावर कॉर्पोरेशन को 2.91 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्षति पहुंचाने के आरोप में तत्कालीन उपखंड अधिकारी (एसडीओ) राहुल मित्तल को बर्खास्त कर दिया गया है। एक अन्य आरोपी सेवानिवृत्त कार्यालय सहायक-तृतीय नत्थी प्रसाद की पेंशन में शत प्रतिशत कटौती की गई है। दोनों से अलग-अलग 1,45,77,500 रुपये की वसूली भी की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए।
राहुल मित्तल और नत्थी प्रसाद को सहारनपुर में विद्युत वितरण उपखंड-द्वितीय बेहट में तैनाती के दौरान उपभोक्ताओं के कनेक्शनों का रिकॉर्ड विभागीय अभिलेखों से समाप्त करने तथा उपभोक्ताओं के खाते में अनधिकृत समायोजन करके पावर कॉर्पोरेशन को राजस्व हानि पहुंचाने, गबन करने, अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है।
जनवरी 2016 से मई 2016 के बीच 718 उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर बकाया 2,56,19,000 रुपये खातों से गायब कर दी गई। खातों से विलुप्त किए गए मामलों में न तो कोई स्थायी विच्छेदन (पीडी) रिपोर्ट पाई गई और न ही पीडी रजिस्टर में कोई प्रविष्टि। यही नहीं आउटपुट रिपोर्ट में विभिन्न उपभोक्ताओं के स्थायी विच्छेदन के लिए जारी किए गए कार्यालय आदेश भी फर्जी पाए गए। बिल संशोधन (सीसी-34) के जरिए मार्च 2016 से मई 2016 के बीच 544 उपभोक्ताओं के खातों से 1,11,45,000 रुपये या तो घटाए गए या विलुप्त कर दिया गया। इसका कोई लेखा-जोखा उपखंड कार्यालय में नहीं मिला। साथ ही मई 2016 में बिल रिवीजन (बीआर) के जरिए 108 उपभोक्ताओं के खातों से 21.84 लाख रुपये घटाने या हटाने का भी मामला सामने आया।
मामले का खुलासा होने पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने 8 मई 2017 को एक जांच समिति बनाई थी। इसी बीच सीसी-34 और बीआर के माध्यम से विलुप्त राशि 1,13,86,000 उपखंड के खाते में जमा करा दिया गया। 19.43 लाख रुपये जमा किया जाना अभी शेष है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने मित्तल व नत्थी प्रसाद को पावर कॉर्पोरेशन को 2,91,55,000 रुपये की क्षति पहुंचाने का दोषी माना है। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ने राहुल मित्तल को बर्खास्त करते हुए उनसे 1,45,77,500 रुपये की वसूली और नत्थी प्रसाद की पेंशन से 100 प्रतिशत की कटौती के साथ 1,45,77,500 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है।