लखनऊ में चिनहट में साजिश के तहत एक युवक ने युवती से शादी की। चार कार समेत छह वाहन उसके नाम पर फाइनेंस करवाए। 10 लाख का मुद्रा लोन लिया और 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस कराया।
वारदात के दिन पूजा दवा लेने के लिए जा रही थी। उसके पति और ससुर को इसका पता था। साजिश के तहत अन्य लोगों को जानकारी दी। अभिषेक कार लेकर पहले से खड़ा था। पूजा ससुर के साथ जा रही थी। ससुर की आंखों के सामने ही अभिषक ने उसे कार से रौंद दिया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि पूजा के नाम पर कई छोटे बीमा भी थे। घटना के बाद इनके क्लेम के करीब 20 लाख रुपये आरोपियों ने हासिल कर आपस में बांट लिए। बड़ी रकम वाला बीमा क्लेम लेने की कोशिश की तो जांच में खुलासा हो गया।
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बीमा कंपनी से जब संदेह जताकर पुलिस से शिकायत की तो अफसर सक्रिय हुए। केस से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। सबसे पहले दीपक से पूछताछ की, क्योंकि हादसे वाले केस में वही बतौर चालक आरोपी था। पुलिस के मुताबिक उसकी कॉल डिटेल में पूजा के पति, ससुर आदि के नंबर मिले। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना कुबूल की।
डीसीपी ने बताया कि पूजा की हत्या के बाद आरोपियों दीपक, अभिषेक शुक्ला, राम मिलन, अभिषेक व कुलदीप ने पंचायत नामा भी भरा। तफ्तीश में पता चला कि अभिषेक शुक्ला अपने परिचित विजय बहादुर की कार मांगकर लाया था। वारदात के बाद विजय बहादुर से बोला कि मामूली एक्सीडेंट हुआ है। फिर कार रिपेयर करवाकर वापस दे दी गई।