बलिया में सीवर लाइन डालने में बड़े पैमान पर वित्तीय अनियमितता उजागर होने पर जल निगम (नगरीय ) के दो सहायक अभियंताओं (एई) समेत छह लोगों को निलंबित कर दिया गया है । इनमें दो अवर अभियंता (जेई) और दो खंडीय लेखाकार शामिल हैं। जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर प्रयागराज क्षेत्र के मुख्य अभियंता अरुण कुमार ने बृहस्पतिवार को निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। इनके अलावा जल निगम (नगरीय) छह और जल निगम (ग्रामीण) के पांच अभियंताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही पांच कार्यदायी संस्थाओं को भी काली सूची में डालने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अभियंता की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बलिया में यूआईडीएसएसएमटी व अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने के काम में वित्तीय अनियमितता बरतने वाले तीन अधिशासी अभियंता और एक सहायक अभियंता से 16 करोड़ 90 लाख 99 हजार रुपये की वसूली के भी आदेश दिए गए हैं। इनसे अब तक 46 लाख 50 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है । यह जानकारी देते हुए प्रबंध निदेशक राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बलिया सदर नगर पालिका परिषद में वर्ष 2006 से ही अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने का काम हो रहा है। इसमें वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही पाई गई ।
इसके आधार पर बलिया में तैनात रहे सहायक अभियंता व प्रभारी अधिशासी अधिकारी अंकुर श्रीवास्तव व अभिषेक वर्मा, अवर अभियंता अश्विनी कुमार व नीरज कुमार पांडेय, खंडीय लेखाकार पंकज कुमार सिंह व रवि गिरी को निलंबित करने के बाद इनके खिलाफ अनुशासनिक जांच बैठा दी गई है। अंकुर के ऊपर लगे आरोपों की जांच मुख्य अभियंता प्रयागराज करेंगे। जबकि महाप्रबंधक प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम प्रयागराज को नीरज पर लगे आरोपों की जांच दी गई है। अश्विनी कुमार, अभिषेक वर्मा, पंकज व रवि गिरी की जांच अधीक्षण अभियंता प्रयागराज मंडल जल निगम को दी गई है।
11 इंजिनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इस मामले में जल निगम (नगरीय) के चार अधिशासी अभियंताओं, एक सहायक अभियंता व एक जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबकि जल निगम (ग्रामीण) के दो अधिशासी अभियंताओं, एक सहायक अभियंता व दो जूनियर इंजिनियरों पर भी मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा ठेकेदार की फर्म ज्योति बिल्डटेक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवाया गया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पर्यवेक्षण और जिम्मेदारियों का सही निर्वहन न करने के मामले में कार्यकारी अधिशासी अभियंता कायम हुसैन से 9 करोड़ 42 लाख 70 हजार रुपये, अधिशासी अभियंता कमलेश सिंह से 7 करोड़ 25 लाख 33 हजार रुपये, अधिशासी अभियंता फणींद्र राय से 9 लाख 14 हजार रुपये और सहायक अभियंता से एसएन राय से 13 लाख 82 हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।