भाजपा में शामिल हुईं बसपा सांसद संगीता आजाद
लोकसभा चुनाव से पहले बसपा को बड़ा झटका देते हुए लालगंज (आजमगढ़) की बसपा सांसद संगीता आजाद सोमवार को दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गईं। इससे पहले उन्होंने बसपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीपा दे दिया। संगीता के साथ उनके पति पूर्व विधायक आजाद अरिमर्दन और निर्भया कांड और हाथरस कांड की सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ने वाली सीमा कुशवाहा ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण किया। इस मौके पर यूपी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख भी मौजूद रहे।
दिल्ली स्थित पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बिहार के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने तीनों नए सदस्यों को पार्टी का फटका पहनाकर सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण करने के बाद संगीता आजाद ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आभार जताया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के 400 सीटों पर जीत के लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प भी लिया।
संगीता को उम्मीदवार बनाए जाने का अटकले तेज
यूपी के शेष बची 24 लोकसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की सूची आने से ठीक पहले संगीता को पार्टी शामिल कराए जाने को लेकर उनको टिकट दिए जाने की अटकले तेज हो गई हैं। हालांकि भाजपा ने अपने पहली सूची में ही लालगंज सीट से नीलम सोनकर को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। 2029 के लोस चुनाव में संगीता बसपा उम्मीदवार के तौर पर भाजपा की उम्मीदवार नीलम सोनकर को हराकर सांसद बनी थीं। संगीता आजाद पिछले छह महीने से भाजपा से संपर्क में थी। तभी से उनके भाजपा में शामिल होने को लेकर कयास लग रहे थे। अब भाजपा में शामिल होने के बाद संगीत और उनके पति पिछले छह महीने से भाजपा से संपर्क में थी। काफी दिनों से दोनों ने अपने वाहन से बसपा के झंडा भी उतार दिए थे। तभी से उनके भाजपा में शामिल होने को लेकर कयास लग रहे थे। अब भाजपा में शामिल होने को उनकी उम्मीदवारी से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि क्या भाजपा लालगंज सीट पर उम्मीदवार बदलेगी?
बसपा के संस्थापक सदस्य संगीता से ससुर
बसपा के पूर्व विधायक आजाद अरिमर्दन के पिता गांधी आजाद बसपा के संस्थापक सदस्य रहे हैं। कांशीराम के साथ मिलकर उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। बाद में बसपा ने उन्हें राज्यसभा भेजकर सम्मान भी दिया था।