अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आएटा) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला तीन अक्षरों का कोड जारी कर दिया है। यह डीएक्सएन (DXN) कोड विश्वभर में टिकट बुकिंग में एयरपोर्ट की पहचान के काम आएगा।
बुधवार को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने डीएक्सएन कोड का अनावरण किया। मौके पर उन्होंने एयरपोर्ट पर जारी निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। डीएक्सएन (DXN) दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) से मिलता-जुलता कोड नोएडा एयरपोर्ट को मिलने पर अधिकारियों ने हर्ष जताया है।
स्विटजरलैंड की ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड बनाकर नोएडा हवाईअड्डे का निर्माण करा रही है। वर्ष 2024 के मध्य तक इसे तैयार किया जाना है। सीओओ किरण जैन ने बताया कि टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी कंस्ट्रक्शन कांट्रैक्ट दिए हुए एक वर्ष से अधिक समय हो गया है। वर्तमान में पैसेंजर टर्मिनल की छत के लिए संरचनात्मक स्टील पर काम जारी है।
एटीसी टॉवर अब 30 मीटर से अधिक की ऊंचाई तक खड़ा हो चुका है। 3900 मीटर लंबे रनवे के साथ सबग्रेड कार्य प्रगति पर है। करीब 7000 कामगार साइट पर पूरी तरह से जुटे हुए हैं। कुछ माह में साइट पर पैसेंजर टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर, ऑफिस ब्लॉक, सीवेज और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इलेक्ट्रिक सबस्टेशन समेत 20 से अधिक इमारतें बन जाएंगी।
उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से आएटा को तीन विकल्प दिए गए थे। इनमें से इंटरनेशनल एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने डीएक्सएन नाम आवंटित किया है। डी से दिल्ली, एक्स से कनेक्टिविटी और एन से नोएडा प्रतिबिंबित करता है। वहीं सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि भारत का दिल्ली-एनसीआर रीजन विश्व के सबसे बड़े शहरी जोन में से एक है। ऐसे में यहां एक और हवाई अड्डे की दरकार है।
आईएटीए की ओर से जारी किए गए कोड से सभी उत्साहित हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह कोड यात्रियों और एविएशन प्रोफेशनल्स को भ्रम और गलतियों से बचने में भी मदद करेगा। इससे तेजी से और सटीक गंतव्य की पहचान करने और संवाद करने में भी मदद मिलेगी।
यह है कोड की उपयोगिता
- आईएटीए कोड प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए यूनीक आईडी देता है। यह विश्वभर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को विशेष पहचान देता है।
- यह कोड न केवल यात्रियों के यात्रा दस्तावेज पर दर्ज होते हैं, बल्कि प्रतिदिन के विभिन्न संवाद में भी काम आता है।
- फ्लाइट शेड्यूल, टिकटिंग, एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट तक बैगेज हैंडलिंग से लेकर ऑपरेशन और लॉजिस्टिक को सुव्यवस्थित करने में आईएटीए कोड का इस्तेमाल किया जाता है।