लखनऊ में पीजीआई के पास एक नवंबर को कल्ली पश्चिम में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें एक पक्ष से मदनपाल थे तो दूसरी पक्ष से राजेश कुमार थे। पुलिस में दोनों पक्षों की तरफ से एनसीआर दर्ज कर लिया था।
लखनऊ में पीजीआई के पास एक नवंबर को कल्ली पश्चिम में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें एक पक्ष से मदनपाल थे तो दूसरी पक्ष से राजेश कुमार थे। पुलिस में दोनों पक्षों की तरफ से एनसीआर दर्ज कर लिया था। इस मारपीट की घटना में मदनलाल (42) के सिर पर चोट आई थी, जिसके सिर पर टांके लगे थे। मदनलाल का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही शुक्रवार की सुबह चार बजे लगभग उसकी मौत हो गई।
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मदनलाल की पत्नी मंजू रावत ने बताया कि मारपीट की घटना में उनके पति को गंभीर चोट आई थी, लेकिन पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए एनसीआर में मामला दर्ज किया। इसके अलावा इस दौरान आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे और पूरे परिवार को मार देने की बात कह रहे थे। लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। मंजू रावत ने मुख्यमंत्री समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भी भेजा था। फिर भी पुलिस में कोई कार्रवाई नहीं की।
कोतवाल बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि उक्त घटना में दो पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें मृतक के पुत्र रोहित की तरफ से मुकदमा एनसीआर दर्ज कराया गया था। इसमें सचिन, राजेश व राकेश आरोपी बनाए गए थे।
पुलिस ने तत्काल में राजेश व राकेश को गिरफ्तार कर शांति भंग में चालान भी किया था। अब पुलिस ने मुकदमे में धारा बढ़ा करके आरोपियों की तलाश कर रही है।