डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), आईआईएम इंदौर के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षर करेगा। साथ ही दोनों संस्थान मिलकर सर्टिफिकेट कार्यक्रम चलाएंगे। फैकेल्टी ट्रेनिंग व स्टार्टअप, इनोवेशन के लिए भी काम करेंगे। इसके लिए सोमवार को दोनों संस्थानों ने एमओयू किया।
ऑनलाइन आयोजित एमओयू कार्यक्रम में एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय व आईआईएम इंदौर के निदेशक निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने हस्ताक्षर किए। प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत आईआईएम इंदौर के साथ मिलकर प्रदेश के हर जिलों में ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। पहले आईआईएम के विशेषज्ञ एकेटीयू के कॉलेजों के प्रतिनिधियों को इसके लिए ट्रेनिंग देंगे।
इसके बाद कॉलेज अपने-अपने जिले में महिलाओं के कार्यक्रम कर उन्हें घर के बजट के साथ-साथ, छोटे-छोटे प्रयासों से आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण देंगे। इसके साथ ही "एक जनपद और एक उत्पाद" में दोनों संस्थान मिलकर काम करेंगे। प्रो. पांडेय ने बताया कि विवि संयुक्त पठन-पाठन, शोध और स्टार्टअप-इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। इस एमओयू के तहत स्टाफ डेवलपमेंट प्रोग्राम आईआईएम इंदौर, एकेटीयू के लिए चलाएगा।
एकेटीयू के विद्यार्थियों के लिए छोटे व बड़े कोर्स विकसित किए जायेंगे। एकेटीयू के विद्यार्थियों को आईआईएम, इंदौर में इंटर्नशिप करने का भी मौका मिलेगा। आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि हम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एकेटीयू के साथ मिलकर काम करेंगे। महिलाओं को वित्तीय साक्षर करने, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता के विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम करेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी के तहत दोनों संस्थान समाज के उत्थान व पुनर्वास के लिए मिलकर काम करेंगे।