मेट्रो मंगलवार को अब तक की अपनी सबसे अधिक रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा से ट्रांसपोर्टनगर से मवैया के बीच दौड़ी। आरडीएसओ से स्पीड सर्टिफिकेट मिलने के बाद मेट्रो ट्रेन को आने वाले दिनों में अधिकतम 90 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जा सकेगा।
अभी तक 30 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से ही मेट्रो का ट्रायल चल रहा था। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आरडीएसओ की तरफ से यह स्पीड सर्टिफिकेट मिलना कॉमर्शियल रन शुरू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कॉमर्शियल रन के लिए दोबारा स्पीड सर्टिफिकेट आरडीएसओ से एलएमआरसी को लेना होगा। आरडीएसओ के फरवरी के अंतिम सप्ताह में ट्रायल शुरू कराए जाने की संभावना के चलते कॉमर्शियल रन में देरी की आशंका भलेे ही पैदा हो गई हो।
वहीं एलएमआरसी के अधिकारी अब भी दावा कर रहे हैं कि आरडीएसओ ट्रायल और सीआरएस जांच दोनों 26 मार्च से पहले पूरी हो जाएंगीं। मेट्रो का कॉमर्शियल रन 26 मार्च से ही शुरू होगा।