लखनऊ में मंगलवार को चली हवा ने भले ही स्मॉग कम किया हो। लेकिन अब भी हवा की सेहत सुधरी नहीं है। मंगलवार को लखनऊ जहां देश में दूसरा सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 416 रिकॉर्ड हुआ है जो बता रहा है कि हवा की सेहत कितनी खतरनाक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर सबसे अधिक प्रदूषित शहर है। यहां एक्यूआई 453 रिकॉर्ड हुआ है। अभी तक प्रदूषित बने हुए गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में भी लखनऊ से वायु प्रदूषण का स्तर कम हो गया है। यहां खतरनाक बनी हुई हवा अब बहुत खराब की केटेगरी में आ गई है।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि लखनऊ में भी अगले 24 घंटे में वायु प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा। लगातार प्रदूषण करने वाली इकाइयों में काम बंद कराने, जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जा रही हैं।
नगर निगम ने प्रदूषण कम करने के लिए कराया पानी का छिड़काव
गोमतीनगर में पेड़ों पर किया पानी से छिड़काव
- फोटो : अमर उजाला
वहीं लखनऊ नगर निगम ने पानी का छिड़काव प्रदूषण कम करने के लिए कराया। अलग-अलग इलाकों में नगर निगम और अग्निशमन विभाग की गाड़ियों ने पेड़ों और सड़क पर पानी का छिड़काव किया।
अलग-अलग शहरों में वायु प्रदूषण
शहर एक्यूआई
कानपुर 453
लखनऊ 416
पटना 414
नोएडा 381
गाजियाबाद 346
तालकटोरा की हवा सबसे घातक
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इस तरह बढ़ा वायु प्रदूषण
तारीख एक्यूआई
27 अक्तूबर 186 पीला
28 अक्तूबर 305 लाल
29 अक्तूबर 314 लाल
30 अक्तूबर 326 लाल
31 अक्तूबर 372 लाल
1 नवंबर 382 लाल
2 नवंबर 422 गहरा लाल
3 नवंबर 400 लाल
4 नवंबर 435 गहरा लाल
5 नवंबर 416 गहरा लाल
सीपीसीबी के रिकॉर्ड के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र तालकटोरा में सबसे अधिक वायु प्रदूषण बना हुआ है। यहां शाम को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 421 रहा। वहीं लालबाग में एक्यूआई 390 और गोमतीनगर में 337 रिकॉर्ड हुआ। तालकटोरा की हवा जहां खतरनाक बनी हुई है। वहीं गोमतीनगर और लालबाग की हवा भी बहुत खराब है।