गोपनीय जांच में बुलंदशहर, दादरी, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, सिकंदराबाद और बुर्जा समेत कई स्थानों पर स्थित आयरन स्टील की करीब 50 फर्मों द्वारा कर चोरी किए जाने की पुष्टि हुई थी।
कर चोरी और फर्जी आईटीसी की जांच के लिए चलाए गए अभियान में नोएडा और गाजियाबाद में वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने करीब 128 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी लेने का मामला पकड़ा है। दोनों जोन में 44 फर्मों ने करीब 652 करोड़ का कारोबार दिखाकर यह फर्जीवाड़ा किया है। इसके बाद उन कारोबारियों पर विभाग ने शिकंजा कस किया है और उनकी आईटीसी को ब्लाक करके उनसे वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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दरअसल वाणिज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस के निर्देश पर कराई गई गोपनीय जांच में बुलंदशहर, दादरी, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, सिकंदराबाद और बुर्जा समेत कई स्थानों पर स्थित आयरन स्टील की करीब 50 फर्मों द्वारा कर चोरी किए जाने की पुष्टि हुई थी। इस पर वाणिज्यक कर आयुक्त ने कर चोरी की जांच के लिए दो दर्जन टीम बनाई थी। इन टीमों ने 44 फर्मों की छानबीन करके इनके खिलाफ सीजर की कार्यवाही की थी।
यह जानकारी देते हुए वाणिज्यकर आयुक्त ने बताया कि विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग सिंडीकेट बनाकर गाजियाबाद लोहा मंडी और अन्य शहरों में फर्जी कागजों पर फर्म बनाकर ई-वे बिल के जरिए माल प्रदेश व बाहर भेज कर चोरी कर रहे हैं। इनमें से चार लोगों राम कुमार सिंह व चंदन कुमार सिंह पुत्र पशुपति सिंह और हिमांशु गुप्ता व अमित गुप्ता पुत्र विजय कुमार गुप्ता के विरुद्ध तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन लोगों ने किसी और का आधार कार्ड व मोबाइल नंबर, ई-मेल अपना लगाकर पंजीयन नंबर प्राप्त किया है।
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उन्होंने बताया कि कर चोरी लिप्त फर्मों की जांच में आधुनिक तकनीक व इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। इनमें से 24 फर्मों के खिलाफ दी गई तहरीर में 10 मामलों में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है।