घटना की जानकारी देते हुए ग्रामीण
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काकोरी में जमीनी विवाद को लेकर बेखौफ बदमाशों ने खेत पर सो रहे किसान व मजदूर को गोली मार दी। जिससे मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि किसान घायल हो गया। घटना की जानकारी पर परिजन और पुलिस घायल को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले गये। घायल किसान के भाई ने दो लोगो के ख़िलाफ़ नामजद तहरीर दी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर अरोपी की तलाश कर रही है।
कोतवाली काकोरी क्षेत्र के जलियामऊ गांव निवासी किसान लाला उर्फ सुशील गांव के ही मजदूर श्रीराम (45) के साथ गुरुवार रात धान की मड़ाई के लिए खेत पर रुके थे। मड़ाई बाद दोनों खेत पर सो रहे थे। देर रात करीब 1:30 बजे अज्ञात बदमाशों ने तमंचे से किसान व मजदूर को गोली मार दी। गोली लगने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि किसान की हालत गंभीर है। घायल किसान ने घटना की जानकारी फोन से परिजनों को दी। परिजन घायल किसान को आनन फानन में इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले गए, जहां से डॉक्टरों ने किसान को बलरामपुर अस्पताल भेज दिया।
वहीं जब सुबह पुलिस मौके पर जांच पड़ताल के लिए पहुंची तो खून से लथपथ मजदूर श्रीराम का शव मिला साथ ही मौके पर कारतूस व शराब की बोतल भी मिली। एसआई विनय सिंह ने बताया कि मृतक के कनपटी व कंधे में व घायल के कंधे पर गोली लगी थी। घायल किसान के भाई सुधीर ने गांव के ही पवन उर्फ छोटे व बहनोई संजय के खिलाफ हत्या की नामजद तहरीर दी। पुलिस दोनो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
जमीनी विवाद में हुई घटना
पवन उर्फ छोटे व लाला दोनो के परिवार में जमीनी विवाद है। वर्ष 2014 में पवन के पिता तुलसीराम की हत्या के आरोप में लाला के भाई सुधीर व अनुराग को सजा हुई थी। लाला की मां मायादेवी ने बताया कि गांव में करीब 32 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसकी पैरवी पवन व बहनोई संजय करते थे। वर्ष 2009 में तुलसी ने थाना पारा के बल्दी खेड़ा गांव निवासी राम आसरे की गोली मार कर हत्या की थी।
राम आसरे ने इसी विवादित जमीन का सौदा कर ट्रैक्टर चला रहा था। उसी समय सूचना पर मौके पर पहुंचे तुलसी राम ने मना किया। उसके बावजूद भी ट्रैक्टर चलाना बंद नहीं किया उससे नाराज तुलसी ने राम आसरे के अपनी लाइसेंसी असलहे से गोली मारकर हत्या कर दी थी और थाने पहुंचकर अपना गुनाह कबूल करते हुए पुलिस को असलहे सहित अपने आपको पुलिस हिरासत में दे दिया था। मृतक श्रीराम के दो बेटे अमन व विशाल है।