वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में दो साल तक कोरोना महामारी की मार के बावजूद सरकार ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन कर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है। सरकार का लक्ष्य यूपी को आत्मनिर्भर बनाकर युवाओं को रोजगार मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि अगले 100 दिन में 21 हजार करोड़, छह महीने में 51 हजार करोड़ और पांच साल में दो लाख करोड़ का ऋण वितरित किया जाएगा। वे सोमवार को भाजपा के सामाजिक न्याय पखवाड़े के तहत पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने फिजूलखर्ची कम की है और जरूरतमंदों का ध्यान रखा है। प्रदेश का क्रेडिट डिपॉजिट औसत 6 प्रतिशत बढ़ा है। प्रदेश सरकार का बजट भी बढ़कर छह लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में देश में 7.90 करोड़ लाभार्थियों के साथ यूपी पहले स्थान पर है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 247 फीसदी वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 3.73 करोड़ हो गई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में पिछले पांच वर्षों में 2.43 करोड़ खातों में 1.32 लाख करोड़ का ऋण दिया गया है। प्रधानमंत्री स्टैंडअप इंडिया योजना में भी यूपी देश में पहले पायदान पर है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में लखनऊ प्रथम, कानपुर द्वितीय, आगरा पांचवें, वाराणसी छठे, मेरठ नौवें एवं प्रयागराज दसवें नंबर पर है। योजना के तहत बीते वित्तीय वर्ष में 8.24 लाख आवेदकों का ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि 2021 के अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर में लगभग 33 हजार करोड़ का ऋण वितरित किया है। साथ ही आने वाले समय में बैंकिंग सुविधा बढ़ाने के लिए 700 बैंक शाखाएं और इसी अनुपात में एटीएम खोले जाएंगे। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित, हिमांशु दुबे और प्रवक्ता समीर सिंह भी मौजूद थे।
महंगाई और बेरोजगारी का नहीं दिया जवाब
वित्त मंत्री महंगाई और बेरोजगारी के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। मीडिया ने जब उनसे महंगाई और बेरोजगारी नियंत्रित करने को लेकर सवाल किया तो वे जवाब दिए बिना चले गए।