दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल पर दुबई, शारजाह, अबुधाबी, मस्कट, ओमान, रियाद, जेद्दा, दम्माम, कुवैत से सीधी उड़ानें आती हैं। यहां प्रतिदिन करीब नौ फ्लाइटों से 18 सौ यात्री आते हैं। इनकी मुफ्त जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह एयरपोर्ट प्रशासन व एयरलाइन की जिम्मेदारी होगी। यात्रियों की 15 दिन की ट्रेवल हिस्ट्री भी दर्ज की जाए।
वहीं दूसरी ओर एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल पर मुम्बई, दिल्ली, गोवा, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, बंगलुरु, कोच्चि, अहमदाबाद, जयपुर से करीब 25 फ्लाइटें आती हैं, जिससे साढ़े चार हजार यात्री आते हैं। जिलाधिकारी ने कहाकि यात्रियों की सघन थर्मल स्कैनिंग की जाए व आरटीपीसीआर जांच हो। इसके लिए दो शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकार, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी पूर्वी, एयरपोर्ट व एयरलाइन प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे।