राजधानी लखनऊ के पहले सरकारी अस्पताल लोकबंधु में अब वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये डॉक्टरों की गवाही शुरू हो गई है। अब उन्हें गवाही देने के लिए सीएमओ आफिस नहीं जाना पड़ेगा। दूसरे अस्पतालों में केंद्र न होने से जिले भर के डॉक्टर गवाही देने के लिए सीएमओ आफिस में बने ई कोर्ट रूम में जाते हैं। इस दौरान डॉक्टरों की ओपीडी-ओटी प्रभावित होती है।
शासन के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के एक रूम को ई-कोर्ट बनाया गया है। जिसमें कंप्यूटर व अन्य जरूरी उपकरण लगाए गए हैं। सीएमओ आफिस में बने ई कोर्ट रूम से अब तक 20 से अधिक डॉक्टरों की गवाही हो चुकी है। उन्हें गवाही के लिए कोर्ट की दौड़ नहीं लगानी पड़ी। वहीं अब जिले के पहले लोकबंधु अस्पताल में ई कोर्ट रूम शुरू हुआ है।
सोमवार को एक डॉक्टर ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये गवाही दी। बलरामपुर, सिविल, रानीलक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर समेत किसी भी अस्पताल में अभी तक ई कोर्ट रूम नहीं बना है। सभी डॉक्टर कोर्ट एविडेंस आने पर सीएमओ आफिस में बने ई कोर्ट रूम के जरिये गवाही देने आ रहे हैं।
इस दौरान डॉक्टर की ओपीडी व ओटी प्रभावित होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि पहले डॉक्टरों को विभिन्न जिलों में जाकर कोर्ट में गवाही देनी पड़ती थी। उसमें कई दिन का समय लगता था। डॉक्टर की छुट्टी रहती थी जिससे मरीज भी परेशान होते थे।