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लखनऊ : डाटा अटका, आईटीआई छात्रों की शुल्क भरपाई पर संकट, छह मार्च तक जिला स्तर पर डाटा भेजने पर अभी संशय

Tue, 01 Mar 2022 09:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

इस बार आईटीआई छात्रों का डाटा मंडलीय संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) के माध्यम से फॉरवर्ड किया जाना है, लेकिन निजी आईटीआई संचालकों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। इसमें तेजी नहीं लाई गई तो अंतिम तिथि नजदीक आने पर वेबसाइट हैंग होने लगती है। तब छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की वरीयता सूची में ये छात्र शामिल नहीं हो पाएंगे।
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iti - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईटीआई के हजारों छात्रों का डाटा अब तक जिलों से अग्रसारित ही नहीं हो पाया है, जबकि इसकी अंतिम तिथि 6 मार्च है। अग्रसारण के बाद डाटा की जांच होनी है और 25 मार्च तक भुगतान भी होना है। अगर यही हाल रहा तो बड़ी संख्या में आईटीआई छात्र योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे।

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यह समस्या रिजल्ट घोषित होने में देरी से पैदा हुई है। इससे अंतिम तिथि तक डाटा के अग्रसारण पर संशय है। आईटीआई सत्र-2020 का प्रथम वर्ष का रिजल्ट 19 फरवरी को घोषित हुआ। छात्रों ने अपने ऑनलाइन नवीनीकरण फॉर्म में रिजल्ट अपडेट कर दिया है। आईटीआई संस्थानों ने भी पोर्टल पर अपने स्तर से 28 फरवरी तक डाटा फॉरवर्ड कर दिया।

इस बार आईटीआई छात्रों का डाटा मंडलीय संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण) के माध्यम से फॉरवर्ड किया जाना है, लेकिन निजी आईटीआई संचालकों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। इसमें तेजी नहीं लाई गई तो अंतिम तिथि नजदीक आने पर वेबसाइट हैंग होने लगती है। तब छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की वरीयता सूची में ये छात्र शामिल नहीं हो पाएंगे। बजट खत्म होने पर सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक छात्रों की देयता अगले वित्त वर्ष के लिए अग्रसारित नहीं होती है।
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यह समस्या जानकारी में आया है। रिजल्ट घोषित होने में देरी से डाटा जिलास्तर से फॉरवर्ड नहीं हो पाया है। छह मार्च तक इस काम को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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-  पीके त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग

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