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Lucknow News: केसरीखेड़ा में किसानों की जमीनों की दोबारा हुई नापजोख

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- किसानों की जमीन पर फ्लाईओवर बनने का मामला, कम मुआवजा दिए जाने से खफा

माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। केसरीखेड़ा फ्लाईओवर जिन किसानों की जमीन पर बन रहा उनको सही तरीके से मुआवजा न दिए जाने से नाराजगी है। किसानों की इस नाराजगी को दूर करने के लिए गत शनिवार को उनकी जमीन की दोबारा नापजोख हुई है। किसानों का आरोप था कि लोक निर्माण विभाग टीम के द्वारा सही तरीके से जमीन की नापजोख नहीं की गई, जिससे उनको मुआवजा कम मिल रहा है। हालांकि, इस जमीन की नापजोख के चलते फ्लाईओवर शुरु होने वाले अधूरे काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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किसानों ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों में जितनी जमीन थी, उसको नापजोख के दौरान टीम ने कम दर्शा दिया। इससे जमीन के मुआवजा की जो गणना हुई, वह कम हो गई। ऐसे किसानों ने खफा होकर जमीन की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम करने से इंकार कर दिया। किसानों की आपत्ति थी , कि जमीन की नापजोख दोबारा हो। किसानों की इस नाराजगी को दूर करने के लिए लेखपाल, अमीन, लोक निर्माण विभाग कर्मियों की संयुक्त टीम ने नए सिरे से जमीनों की नापजोख की है। हालांकि, टीम ने जमीन की नापजोख वाली रिपोर्ट अब तक लोक निर्माण विभाग को सौंपी नहीं है। सूत्र बताते कि पहले के मुकाबले दोबारा जमीन की नापजोख में अंतर पाया गया है। ऐसे किसानों की तादाद आठ है। इनमें दो परिवारों के सदस्यों की काफी जमीन गई है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ ने बताया कि केसरीखेड़ा फ्लाई में जितने किसानों एवं भूखंड मालिकों की जमीन गई उसमें से तीन की रजिस्ट्री हो गई है।
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