पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के बगीचे के रख-रखाव में 20 लाख रुपये की धांधली सामने आई है। कुशीनगर में अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने फर्जी बिलिंग कराकर लाखों का भुगतान करा लिया। इस मामले में सीबीआई की लखनऊ स्थित एंटी करप्शन ब्रांच ने ठेकेदार कुलदीप सिंह, लखनऊ में तैनात पुरातत्व विभाग के उद्यान सहायक विनीत अग्रवाल, आगरा के डिवीजन उद्यान उपाधीक्षक पीके चौधरी और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी राज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के बगीचे के रख-रखाव के लिए 5.30 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। विभाग के लखनऊ डिवीजन की आठ साइट पर बगीचों के रख-रखाव का ठेगा कुलदीप सिंह को मिला था। इसमें आगरा स्थित ताजमहल परिसर में बागवानी का भी काम शामिल है। आरोप है कि ठेकेदार ने श्रमिकों के नाम पर फर्जी बिलिंग की और 20 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। इसकी शिकायत नागपुर के रहने वाले महेश गभाने ने की थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने पहले जांच की थी। इसमें 20 लाख रुपये की धांधली की पुष्टि हुई थी।