लखनऊ से अयोध्या के बीच चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से श्रद्धालु अब राम मंदिर दर्शन के लिए कम वक्त में पहुंच सकेंगे।
इसके लिए रेलवे प्रशासन डबलिंग व विद्युतीकरण पर ध्यान दे रहा है। दिसंबर 2023 से पहले यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अयोध्या रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने व स्टेशन के विकास को लेकर सांसद लल्लू सिंह ने सोमवार को उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी से मुलाकात की।
विकास कार्यों, रेल सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्यों को वक्त पर पूरा कराने पर जोर दिया। डीआरएम ने बताया कि अयोध्या रेलवे स्टेशन का विकास दो चरणों में हो रहा है।
पहले फेज में स्टेशन के विस्तार व यात्री सुविधाओं के काम हो रहे हैं तथा दूसरे फेज में अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके लिए राज्य सरकार से बातचीत चल रही है।
जल्द ही जमीन मिल जाएगी, जिसके बाद उस पर सेकंड एंट्री बनाई जाएगी। यही नहीं, हाल ही में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने लखनऊ अयोध्या रेलखंड का निरीक्षण भी किया था और इसके बाद अयोध्या रेलखंड को बेहतर बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
इसके अलावा उन्होंने रेलखंड पर 100 से 120 की रफ्तार में ट्रेन का सफल परीक्षण भी किया था। डीआरएम ने आगे बताया कि पहले रूट का दोहरीकरण होगा और उसके बाद विद्युतीकरण।
राम मंदिर तैयार होने से पहले दिसंबर 2023 तक काम पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। यह काम पूरा हो जाने पर त्यौहार के सीजन में अयोध्या रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन एक लाख तक यात्री आ व जा सकेंगे। जबकि आम दिनों रोजाना 25 हजार यात्री सफर कर सकेंगे।