लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस स्थित गंगा गर्ल्स छात्रावास में मेस के खराब भोजन से छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और उसके बाद हुए प्रदर्शन को कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्राओं को धमकाने पर भी सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कुलपति ने सख्त रुख अपनाते हुए न्यू कैंपस के सभी महिला छात्रावासों की प्रोवोस्ट, सहायक प्रोवोस्ट और एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. कालिंद्री को एडिशनल चीफ प्रोवोस्ट (गर्ल्स) के साथ गंगा गर्ल्स छात्रावास की प्रोवोस्ट तथा डॉ. निहारिका को सहायक प्रोवोस्ट बनाया गया है।
गंगा छात्रावास की छात्राओं ने शुक्रवार को बताया कि कुलपति के दौरे के बाद से भोजन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। हॉस्टल और मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर हुई है। इसके लिए छात्राओं ने सोशल मीडिया पर थैंक यू वीसी सर का मेसेज पोस्ट कर कुलपति को धन्यवाद ज्ञापित किया।
सूत्र बताते हैं कि कुलपति ने गंगा गर्ल्स छात्रावास की छात्राओं के आरोपों को काफी गंभीरता से लिया। अमर उजाला में शुक्रवार को प्रकाशित खबर का भी उन्होंने संज्ञान लिया है जिसमें छात्राओं ने प्रोवोस्ट डॉ. नीतम सिंह पर ‘दूसरे तरीके’ से देख लेने की धमकी देने के साथ चारित्रिक लांछन लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। कुलपति ने बृहस्पतिवार को छात्रावास पहुंचकर खुद भी देखा था कि वहां क्या स्थिति है। इसके बाद ही कुलपति ने बड़े बदलाव का निर्णय लिया।
न्यू कैंपस के महिला छात्रावासों की जिन प्रोवोस्ट व असिस्टेंट प्रोवोस्ट को पद से हटाया गया है उनमें लावण्या छात्रावास की डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव व डॉ. रितु सिंह, गंगा गर्ल्स छात्रावास की डॉ. नीतम सिंह व डॉ. प्रगति श्रीवास्तव तथा बीआर अंबेडकर छात्रावास की डॉ. अर्चना सिंह और ई. निधि श्रीवास्तव हैं।
कुलपति ने तय किया है कि अब सप्ताह में एक दिन वह न्यू कैंपस में बैठेंगे। बृहस्पतिवार को हॉस्टल से लौटते ही उन्होंने पांच सदस्यों की टीम बनाई जिसने शाम तक मेस संचालकों को नोटिस जारी कर दिया। अब आगे छात्राओं को भोजन परोसने के कार्य में पुरुषों के स्थान पर अब महिला कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी।