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Lucknow: स्टंटबाजी में बाइक से छात्र को मारी टक्कर, इलाज कराने के बहाने बाग में फेंका, मौत

Mon, 22 Jul 2024 12:04 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बख्शी का तालाब

सार

बाइक सवार बच्चे का इलाज करवाने की बात कहकर निकले लेकिन उसे बाग में फेंक दिया। ग्रामीणों ने जब उसे अस्पताल पहुंचाया उसकी मौत हो चुकी थी।
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आयुष (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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महिंगवां इलाके में रविवार सुबह स्टंटबाजी में तेज रफ्तार में लहराते हुए बाइक दौड़ा रहे युवक ने सामने से आ रहे साइकिल सवार छात्र को टक्कर मार दी। ग्रामीणों के दबाव में बाइक सवार घायल को अस्पताल पहुंचाने की बात कहकर निकले, लेकिन शाहपुर चौराहे के पास बाग में फेंक गए। पीछे से पहुंचे ग्रामीणों ने छात्र को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

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महिंगवां के अकड़ा गांव निवासी ललन रावत का बेटा आयुष (10) रविवार को साग बेचने के लिए सुबह करीब आठ बजे साइकिल से शाहपुर बाजार जा रहा था। गांव से कुछ दूरी पर तेज रफ्तार बाइक पर स्टंट कर रहे युवकों ने उसे सीधे आकर टक्कर मार दी। इस पर आयुष लहूलुहान होकर गिर गया। बाइक सवार भी गिरे, पर उन्हें चोट नहीं आई। राहगीरों और ग्रामीणों ने युवकों को फटकारा तो दोनों ने अस्पताल ले जाने की बात कहते हुए आयुष को बाइक पर लादा, लेकिन करीब 300 मीटर दूर सड़क किनारे बाग में फेंककर भाग निकले। कुछ देर बाद छात्र की मौत हो गई।

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हेलमेट नहीं लगाए था बाइक चालक
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि बाइक की रफ्तार काफी ज्यादा थी। बिना हेलमेट के बाइक चला रहा युवक करीब 500 मीटर पहले से स्टंट करते हुए आ रहा था। पीछे बैठा युवक भी उसे नहीं रोक रहा था। रफ्तार अधिक होने और स्टंटबाजी से बाइक विपरीत दिशा में आ गई और छात्र को टक्कर मार दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि रैश ड्राइविंग की धारा में मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
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फेंकते हुए ग्रामीणों ने देख लिया
ग्रामीणों ने बताया कि जब युवक आयुष को लेकर चले तो कुछ देर बाद पीछे से कुछ लोग अस्पताल जाने के लिए निकले। उन्होंने ही देखा कि युवकों ने आयुष को बाग में फेंक दिया। तब उन्होंने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों ने पुलिस पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाया है। हालांकि, थानेदार का कहना है कि जैसे ही सूचना मिली वैसे ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना कर दी गई।

बहन को देना चाहता था उपहार
आयुष की मां शांति ने बताया कि उनका एक छोटा बेटा अंश व बड़ी बेटी शिवांशी है। पति ललन किसान हैं। आयुष परिवार के खर्च में मदद करने के लिए अक्सर साग-सब्जी बेचने बाजार जाता था। शनिवार शाम ही वह तालाब से साग तोड़कर लाया था, जिसे बेचने रविवार को जा रहा था। उसने मां से बोला था कि इस बार जो पैसे जुटाएगा उससे बहन के लिए रक्षाबंधन पर उपहार लाएगा। उसकी मौत से परिजन स्तब्ध हैं।

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