अमर जीत ने बताया कि वह ठगों को असली पुलिस अफसर मान बैठे थे। ठगों ने परिवार के लोगों को भी जेल भेजने की धमकी दी थी। इस संबंध में किसी से भी चर्चा करने से मना किया था। वह 25 दिन तक खौफ के साये में रहे। उन्होंने बताया कि अगर बेटे ने उनकी परिस्थिति को समझकर उनसे बात नहीं की होती तो शायद ठग उनसे और रकम वसूल लेते।
ठगों के खाते में पुलिस ने फ्रीज कराए 15 लाख
अमर प्रीत की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों में 15 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित को फ्रीज कराई गई रकम वापस दी जाएगी।
साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने कहा कि बुजुर्ग से ठगों ने जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए, उनका ब्योरा जुटाकर जांच की जा रही है। कुछ रकम फ्रीज कराने में सफलता मिली है। जांच जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस फोन पर नहीं मांगती बैंक खातों की जानकारी
- साइबर ठगों के झांसे में न आएं, अंजान लोगों के वाट्स एप वीडियो कॉल न उठाएं
- धमकी मिलने पर परिवार के लोगों से करें साझा, पुलिस को दें सूचना
साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। थोड़ी सी लापरवाही से जीवन भर की कमाई हाथ से निकल जा रही है। अमर उजाला साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रहा है। लोगों को ठगी से बचाव के उपाय बताकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। आप भी कभी डिजिटल अरेस्ट के शिकार हुए हैं तो हमें अपनी कहानी बता सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
- अक्सर ठग फोन कर खुद को पुलिस, आईबी, कस्टम, ईडी या एटीएस का अफसर बताते हैं।
- पार्सल, आधार कार्ड और आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने की बात कहकर जेल भेजने की धमकी देते हैं।
- डरा धमकाकर बैंक खातों की जानकारी लेते हैं। डर के कारण लोग ठगों से गोपनीय जानकारी भी साझा करते हैं।
- याद रखें पुलिस कभी भी फोन पर बैंक खातों की जानकारी नहीं मांगती, न ही डिजिटल अरेस्ट कर सकती है।
- यदि अनजान नंबर से आने वाले ऑडियो या वीडियो कॉल को न उठाया जाए तो ज्यादातर लोग ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
- यदि अहसास हो कि साइबर ठग धमकी दे रहे हैं तो तुरंत नजदीकी थाने में संपर्क करके इसकी जानकारी दें।
- साइबर ठगी के मामलों में जितनी जल्दी हो सके साइबर क्राइम सेल को सूचना दें। इससे आपकी रकम बचने की संभावना बढ़ जाती है।
यहां करें शिकायत: अगर आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये हड़पे गए।
- कनाडा के रहने वालीं सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ ऐंठे गए।
- बाजारखाला के ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ हड़प लिए गए।
- एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ वसूले गए।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी हुई।
- हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख की ठगी हुई।
- ठाकुरगंज के पंचायती राज विभाग से रिटायर कमलकांत मिश्रा से 17.5 लाख वसूले गए थे।