शाइन सिटी कंपनी के खिलाफ 11 और लोगों ने 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ितों ने प्लॉट व पीआईपी योजना में निवेश के नाम पर रकम ऐंठने का आरोप लगाया है। डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने चार और मुकदमे दर्ज कर लिए हैं।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, शारदानगर के रजनीखंड-2 निवासी मनोरमा सिंह ने बताया कि शाइन सिटी इंफ्र प्रा. लि. से वैदिक विहार फेज-2 में एक हजार वर्गफुट का प्लॉट 4.50 लाख रुपये में खरीदा था। उनकी परिचित बिहार की ललिता देवी ने भी 4.50 लाख में प्लॉट लिया था। कब्जा देने के नाम पर 12 लाख रुपये और ले लिए, लेकिन कंपनी ने प्लॉट नहीं दिया। तहरीर पर पुलिस ने राशिद नसीम, आसिफ नसीम, आकिब नसीम, शगुफ्ता खान, सबा खान, उत्तमा अग्रवाल, नीरज गुप्ता, सोनल सिंह, संदीप पांडेय सहित दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
इसी तरह तेलीबाग के सैनिकनगर निवासी सरताज सिंह भदौरिया ने 2018 में कंपनी में पीआईपी के तहत गोहाटी प्रोजेक्ट में दो लाख रुपये जमा किए थे। शर्तों के तहत 12 माह में लाभांश 2.36 लाख, 15 माह बाद 2 लाख रुपये व एक प्लॉट मिलना था। हामी भरने पर कंपनी ने 15 माह बाद की चेक थमा दी थी। चेक खाते में लगाया तो बाउंस कर गया। कंपनी की योजना में सरताज के मित्र लेफ्टिनेंट कर्नल एसपी साहू की पत्नी रेणुका ने पांच लाख, दिनेश कुमार चौहान की पत्नी बबिता सिंह ने दो लाख, रामकिशन सिंह ने एक लाख, प्रवीण कुमार वर्मा ने 50 हजार, पेशकार वर्मा ने दो लाख, अशोक सिंह ने 50 हजार रुपये निवेश किए थे।
वहीं, आलमबाग के रामनगर निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने वर्ष 2017 में ड्रीम होम्स योजना में 2.88 लाख जमा करने के बाद भी जमीन नहीं मिली। वहीं, कैंट के निलमथा विजयनगर निवासी अरविंद मिश्रा ने 2014 में दोनों बेटों के नाम पर शाइन वैली प्रोजेक्ट में 50.50 हजार रुपये में चार प्लॉट बुक कराए थे। ईएमआई पर भुगतान करते रहे। 2018 में ओटीएस के तहत अरविंद ने रुपये जमा किए, लेकिन जमीन नहीं मिली। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, 11 पीड़ितों ने चार अलग-अलग तहरीर दी। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।