प्याज की आसमान छूती कीमत से परेशान राजधानी के लोग रक्षाबंधन से पहले सस्ती दर पर प्याज खरीद सकेंगे। जिला प्रशासन ने जनता को राहत पहुंचाने के लिए बृहस्पतिवार से सीतापुर रोड और दुबग्गा स्थित मंडियों के 53 लाइसेंसधारी कारोबारियों के यहां से थोक दर पर सस्ता प्याज बिकवाने की व्यवस्था का ऐलान किया है।
इसके साथ ही शुक्रवार से कर्मचारी कल्याण निगम के 40 डिपो से भी थोक दर पर प्याज की बिक्री शुरू कराने का इंतजाम किया जाएगा। जिलाधिकारी राजशेखर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंडी समितियों के सचिव, आपूर्ति विभाग, थोक प्याज कारोबारियों और मंडी प्रभारी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके तहत खरीददार एक बार में पांच किलोग्राम तक ही सस्ती दर का प्याज खरीद सकेंगे। बृहस्पतिवार से सीतापुर रोड स्थित मंडी के 14 लाइसेंसधारी और दुबग्गा मंडी के 39 लाइसेंसी कारोबारियों के यहां से 50 से 55 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज की बिक्री सुनिश्चित कराई जाएगी।
जमाखोरों पर होगा एक्शन
फिलहाल बाजार में प्याज की खुदरा दर 70 रुपये प्रति किग्रा पहुंच चुकी है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि 31 अगस्त तक प्याज की फुटकर कीमत में कमी नहीं आने पर एक सितंबर से इसकी बिक्री वार्ड स्तर पर चिह्नित राशन दुकानों से भी करवाई जाएगी।
इसके लिए जिला आपूर्ति निरीक्षक को वार्डवार दो-दो राशन दुकानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मंडी प्रभारी और एडीएम ट्रांस गोमती को प्याज की कीमत पर लगाम कसने के लिए मंडी समितियों के साथ मिलकर प्याज के थोक कारोबारियों व आढ़तियों के स्टाक की नियमित पड़ताल करने का भी निर्देश दिया, जिससे जमाखोरी रोका जा सके।
उन्होंने जमाखोरी में लिप्त पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु वितरण अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया।
फुटकर बाजार में 70 रुपये पहुंची कीमत
बाहरी राज्यों से प्याज की आवक में कमी के चलते एक पखवारे से खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 65 से 70 रुपये प्रति किलो. तक पहुंच गई है। फुटकर कारोबारी इसके लिए जमाखोरी को जिम्मेदार बता रहे हैं।
उनका कहना है कि बड़े कारोबारी कम सप्लाई का बहानाबनाकर दाम में मनमानी वृद्ध कर रहे हैं। हालांकि थोक कारोबार और आढ़ती इससे इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि गुजरात व अन्य राज्यों से प्याज की सप्लाई में देरी से प्याज की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे दाम बढ़ रहे हैं।