उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य शहजादे खान ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख सफाई कर्मियों की भर्ती की जाएगी।
इसके लिए नगर पालिका और नगर पंचायतों से सूची मांगी गई है।
भर्ती की प्रक्रिया एक माह के अंदर शुरू हो जाएगी। यही नहीं, संविदा पर कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा।
साथ ही उनका वेतन राज्य कर्मचारियों के बराबर करने की भी मांग की गई है।
शहजादे खान ने नगर पालिका परिसर में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा 26 नवंबर को लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में होगी।
पढ़ें-हाईकोर्ट के दखल के बाद भी नहीं बनी बात
सफाई कर्मचारी बेहद महत्वपूर्ण काम करते हैं लेकिन सबसे अधिक वे ही दबे कुचले हैं। उन्हें उनका हक भी नहीं मिल पाता।
इसीलिए राज्य सरकार ने सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया है ताकि सफाई कर्मचारियों की समस्याएं हल की जा सकें।
एक सवाल पर कहा कि सफाई कर्मचारी आयोग के कहने पर राज्य सरकार ने प्रदेश में करीब एक लाख सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है ताकि जहां भी सफाई कर्मचारी कम हैं, वहां उन्हें तैनात किया जाए।
शहजादे खान ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2006 में संविदा पर रखे गए सफाई कर्मियों को सरकार स्थायी करने के मूड में है।
इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों की वेतन विसंगति भी दूर की जाएगी। उन्होंने बताया कि बसपा सरकार में रखे गए सफाई कर्मचारियों की जांच होगी।
उस समय रखे गए बहुत से सफाई कर्मी वेतन तो ले रहे हैं लेकिन काम दूसरों से करा रहे हैं। ऐसे लोगों की आयोग पहचान कर रहा है। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
इसके पूर्व शहजादे खान नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों से मिले। उनकी समस्याएं सुनीं और 26 नवंबर को लखनऊ में होने वाले सम्मेलन में भाग लेने की अपील की।
इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर ईओ संजय शुक्ला, कर्मचारी नेता हनीफ आदि मौजूद रहे।
और खबरों के लिए यहां आएं...