भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के आरोप में बाराबंकी के मौजूदा जिलाधिकारी समेत दो पूर्व जिलाधिकारियों, शासन में एक विशेष सचिव और एक संयुक्त सचिव समेत 6 अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। लोकायुक्त ने इस मामले में अपर मुख्य सचिव गृह से कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
जानकारी के अनुसार बाराबंकी के रामनगर नगर पालिका के 2016 में चेयरमैन रहे राम शरण पाठक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। उन पर स्थानीय सभासद श्रवण कुमार शुक्ला ने भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की थी। लोकायुक्त ने समय-समय पर बाराबंकी के जिलाधिकारी रहे अखिलेश तिवारी, उदयभान त्रिपाठी, आदर्श सिंह व नगर विकास विभाग के विशेष सचिव संजय सिंह यादव से मामले से संबंधित सूचनाएं मांगी, लेकिन कभी भी पूरी सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई। अब लोकायुक्त ने इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।
मुख्य सचिव ने इस पत्र को नियुक्ति विभाग को भेज दिया। बताया जा रहा है कि नियुक्ति विभाग में संयुक्त सचिव रत्नेश सिंह ने इस अवधि में बाराबंकी में रहे जिलाधिकारियों की सूची सतर्कता विभाग से मांग ली। सतर्कता विभाग में उप सचिव अनुमोल सिंह ने यही जानकारी लोकायुक्त संगठन से मांग ली। लोकायुक्त के पास जब यह पत्र पहुंचा तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की और अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त ने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों को भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाला बताया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि लोकायुक्त ने जो पत्र भेजा था, उसे कार्रवाई के लिए नियुक्ति व नगर विकास विभाग को भेज दिया गया है।