लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत के बराबर या अधिक करने के लिए प्रवासियों को बुलाने का अभियान चलाया जाएगा। सभी जिलों में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) के तहत दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं व तृतीय लिंग के मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने शुक्रवार को 25 जिलों के स्वीप कार्य की समीक्षा की। आयोग के सचिव संतोष कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ सलाहकार आरके सिंह और कम्यूनिकेशन सलाहकार रजनी उपाध्याय ने स्वीप के नोडल अधिकारियों को मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग रोजगार के लिए अपने शहर या प्रदेश से बाहर गए हैं, उनको मतदान के लिए बुलाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी योजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 के लोस चुनाव में देश में 67.11 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि यूपी में राष्ट्रीय औसत से कम 59.11 प्रतिशत मतदान हुआ था। आगामी चुनाव में मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक करना है। उन्होंने कहा जिन बूथों पर 59.11 प्रतिशत से कम मतदान हुआ है, वहां मतदान प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने गैस सिलिंडर और निजी व रोडवेज की बसों, टेंपो आदि सार्वजनिक परिवहन के वाहनों पर ‘चुनाव का पर्व, देश का गर्व’ स्टीकर चस्पा कर मतदाता जागरूकता का प्रचार करने के निर्देश दिए।
आयोग के सचिव ने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक यूनिक पोलिंग बूथ बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक शुक्रवार को आकाशवाणी पर प्रसारित हो रहे मतदाता जंक्शन कार्यक्रम, कॉमिक बुक चाचा चौधरी और चुनावी दंगल का प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने नव मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने और जिलों में नियुक्त आइकन के माध्यम से भी मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए।
मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं नाम
सीईओ ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम व पत्ते में संशोधन कराने या हटाने की प्रक्रिया अभी भी जारी है। निर्वाचन की घोषणा होते ही नाम हटाने की कार्यवाही रोक दी जाएगी। संबंधित लोकसभा क्षेत्र में नामांकन के अंतिम दिन तक नाम जोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि पात्र युवा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।