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भोजपुरी कलाकारों को सिर्फ स्टेज तक ही पसंद करते हैं यूपी के वोटर, चुनाव में मिली है नाकामी, ये है सच

Thu, 28 Mar 2019 02:07 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मनोज तिवारी, रविकिशन व दिनेश लाल यादव। - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में भोजपुरी कलाकारों ने सियासी पारी खेलने की कोशिशें तो बहुत की, लेकिन उन्हें ज्यादा कामयाबी नहीं मिली। मनोज तिवारी हों या फिर रविकिशन या दिनेशलाल यादव उर्फ निरहुआ, ये सभी अपने 10-12 साल के राजनीतिक करिअर में अलग-अलग पार्टियों से किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन मतदाताओं ने इन पर भरोसा नहीं जताया।

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यह बात दीगर है कि यूपी के वोटरों ने मनोज तिवारी को निराश किया तो दिल्ली के वोटरों ने सिर-आंखों पर बिठाया। 2017 में अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का बीड़ा उठाने वाले दिनेशलाल यादव निरहुआ इस बार अखिलेश यादव के सामने ही अपनी चुनावी पारी का आगाज कर सकते हैं। आइए आपको उन भोजपुरी कलाकारों से रूबरू कराते हैं जिन्होंने ‘डांस के स्टेज’ से अलग-अलग पार्टियों के ‘चुनावी मंच’ का सफर तय किया।

मनोज तिवारी: योगी के मुकाबले गोरखपुर से लड़ चुके हैं चुनाव

मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला
भोजपुरी फिल्मों की बात हो तो जहन में सबसे पहला नाम मनोज तिवारी का आता है। 48 वर्षीय मनोज तिवारी बिहार के रहने वाले हैं और दिल्ली से भाजपा के सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी 2009 में सपा के साथ शुरू की थी। सपा ने उन्हें गोरखपुर से मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था।

मनोज तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें कुल 83,059 वोट मिले थे। योगी आदित्यनाथ 4,03,143 वोट पाकर सांसद बने थे। बसपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी को 1,82,883 वोट मिले और वह दूसरे नंबर पर रहे थे।

2014 में मनोज तिवारी ने भाजपा जॉइन की, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़े और एक लाख 44 हजार वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें पांच लाख 96 हजार वोट मिले थे। तिवारी ने बिग बॉस में अपने रंग दिखाए। कई बार विवादों में भी घिरे। हाल ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद वह स्टेज पर शो करते नजर आए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किए गए।

रवि किशन: कांग्रेस से लड़े चुनाव, सपा ने दी फिल्म सिटी, अब मांग रहे भाजपा का टिकट

- फोटो : amar ujala
रवि किशन भोजपुरी फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। वह तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। पूर्वांचल के जौनपुर जिले में जन्मे रवि किशन 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़े।

उन्हें सिर्फ 2.31 प्रतिशत वोट मिले और 42,749 वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहे। रवि किशन की जमानत जब्त हो गई। बाद में रवि किशन ने तत्कालीन सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में आस्था जताई और जमकर उनका गुणगान किया।

अखिलेश ने उन्हें इसका इनाम भी दिया और यूपी फिल्म सिटी के लिए बड़ी जमीन देने का एलान किया। हालांकि रवि किशन ने सपा जॉइन नहीं की थी और यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। अब वह जौनपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांग रहे हैं।
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दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’: कभी किया था अखिलेश का प्रचार, अब उनसे ही मुकाबले को तैयार

दिनेशलाल यादव भोजपुरी गीतों के मशहूर गायक और एक्टर हैं और निरहुआ के नाम से मशहूर हैं। आज भी पूर्वांचल में इनके गाने काफी प्रसिद्ध हैं। गाजीपुर में जन्मे दिनेशलाल ने 2017 में अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूर्वांचल में काफी मेहनत की थी और स्टेज से उनके पक्ष में जमकर गीत गाए थे। दिनेशलाल यादव ने बुधवार को भाजपा जॉइन कर ली। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें आजमगढ़ से अखिलेश यादव के सामने उतार सकती है।
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