भोजपुरी फिल्मों की बात हो तो जहन में सबसे पहला नाम मनोज तिवारी का आता है। 48 वर्षीय मनोज तिवारी बिहार के रहने वाले हैं और दिल्ली से भाजपा के सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी 2009 में सपा के साथ शुरू की थी। सपा ने उन्हें गोरखपुर से मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था।
मनोज तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें कुल 83,059 वोट मिले थे। योगी आदित्यनाथ 4,03,143 वोट पाकर सांसद बने थे। बसपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी को 1,82,883 वोट मिले और वह दूसरे नंबर पर रहे थे।
2014 में मनोज तिवारी ने भाजपा जॉइन की, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़े और एक लाख 44 हजार वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें पांच लाख 96 हजार वोट मिले थे। तिवारी ने बिग बॉस में अपने रंग दिखाए। कई बार विवादों में भी घिरे। हाल ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद वह स्टेज पर शो करते नजर आए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किए गए।
रवि किशन भोजपुरी फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। वह तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। पूर्वांचल के जौनपुर जिले में जन्मे रवि किशन 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़े।
उन्हें सिर्फ 2.31 प्रतिशत वोट मिले और 42,749 वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहे। रवि किशन की जमानत जब्त हो गई। बाद में रवि किशन ने तत्कालीन सपा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में आस्था जताई और जमकर उनका गुणगान किया।
अखिलेश ने उन्हें इसका इनाम भी दिया और यूपी फिल्म सिटी के लिए बड़ी जमीन देने का एलान किया। हालांकि रवि किशन ने सपा जॉइन नहीं की थी और यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। अब वह जौनपुर से एक बार फिर चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांग रहे हैं।
दिनेशलाल यादव भोजपुरी गीतों के मशहूर गायक और एक्टर हैं और निरहुआ के नाम से मशहूर हैं। आज भी पूर्वांचल में इनके गाने काफी प्रसिद्ध हैं। गाजीपुर में जन्मे दिनेशलाल ने 2017 में अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूर्वांचल में काफी मेहनत की थी और स्टेज से उनके पक्ष में जमकर गीत गाए थे। दिनेशलाल यादव ने बुधवार को भाजपा जॉइन कर ली। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें आजमगढ़ से अखिलेश यादव के सामने उतार सकती है।