लॉकडाउन के दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सेवाओं वाले विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सरकारी अधिकारी, कर्मचारी की स्थिति घर से कार्य करने (वर्क फ्रॉम होम) की रहेगी। यद्यपि उन्हें फील्ड ड्यूटी के लिए निर्देशित करने को विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, जिला कलेक्टर या जिला स्तरीय अधिकारी स्वतंत्र होंगे। इस दौरान किसी भी सरकारी कार्मिक को विशेष या अपिरहार्य स्थिति के अलावा कोई अवकाश या मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। जो कर्मचारी घर सके काम करेंगे, उन्हें ऑफिस टाइम के दौरान घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
परिवहन पर रहेगी पूर्ण पाबंदी
इस अवधि में समस्त प्रकार के सार्वजनिक परिवहन, रोडवेज, सिटी ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट बसें, टैक्सियां, ऑटो रिक्शा के अंतरराज्यीय (इंटर स्टेट), अंतर्राज्यीय (इंट्रा स्टेट) संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से घर के लिए सीमित संख्या में जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध रहेंगे। सामग्री आपूर्ति वाले वाहन, चीनी मीलों के गन्ना ढुलाई करने वाले वाहन सहित, प्रतिबंध से मुक्त रहेगे। आकस्मिक स्थित में अस्पताल जाने के लिए निजी वाहन का प्रयोग किया जा सकेगा।
आपात स्थिति में परिवहन के लिए जारी होगा परमिट
बंद के दौरान आपात स्थिति में आवश्यकतानुसार परिवहन साधनों को परमिट जारी करने के लिए मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, गृह, प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संबंधित जनपद के जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी ही अधिकृत होंगे। आमजन को सूचना एवं सुविधा हेतु जिले के नियंत्रण कक्ष एवं संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रकाशित किए जाएंगे।
धरना, गोष्ठी, साप्ताहिक बाजार पर रोक
पांच से अधिक व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थल पर एक साथ इकठ्ठे होने की पूर्णत: मनाही रहेगी। किसी भी सामाजिक, सास्कृतिक, राजनीतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, खेल, संगोष्ठी, सम्मेलन, धरना आदि का आयोजन निषिद्ध रहेगा। साप्ताहिक बाजारो का आयोजन, प्रदर्शनियां आदि पर रोक नहेगी।
किसी सेवा के संबंध में भ्रम होने पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित जिले के जनपद के जिला मजिस्ट्रेट को होगा। आदेशों की अवहेलना की स्थिति में दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।