इनसेट में अजय व विलाप करते परिवारीजन।
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लखनऊ पुलिस को उसके अपने ही लोग किस कदर कलंकित कर रहे हैं, लोडर चालक अजय निषाद (24) की खुदकुशी, इसकी एक और बानगी है। ठाकुरगंज की गऊघाट चौकी के पुलिसकर्मियों के खौफ से सहमे स्थानीय निवासी 24 वर्षीय लोडर चालक अजय निषाद ने मंगलवार की सुबह फांसी लगा ली। खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। इलाकाई लोगों ने पुलिस चौकी घेर ली। एक घंटे तक बवाल चला। बाद में एसएसपी दीपक कुमार ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
अजय के पिता माता प्रसाद निषाद का आरोप है कि अजय चार साल से पड़ोस में रहने वाली राम दुलारी का लोडर चलाता था। सोमवार रात साढ़े दस बजे के करीब व लोडर लेकर गऊघाट पुलिस चौकी के सामने से होते हुए घर लौट रहा था। चौकी के सिपाही अरविंद और वीरेंद्र ने उसे रुकने का इशारा किया। अजय ने वसूली की आशंका से वाहन की गति तेज कर दी और भाग निकला।
हालांकि, दस कदम दूर ही लोडर बेकाबू होकर दीवार से टकरा गया। सिपाही उसके पास आए और पकड़कर धमकाने लगे। सिपाहियों ने अजय से कहा कि वह बंधे पर किसी व्यक्ति की हत्या करके भाग रहा है। यह सुनते ही अजय के होश उड़ गए। उसने हत्या से कोई लेना-देना न होने की बात कही। इस पर सिपाही बचने के लिए उससे 10000 रुपये मांगने लगे।
अजय ने कहा कि रुपये नहीं हैं तो सिपाहियों ने उसका लोडर जब्त कर लिया और उसे जेल भेजने की धमकी दी। अजय वहां से पैदल ही घर पहुंचा और परिवारीजनों को मामले की जानकारी दी। घरवालों ने उसे काफी समझाया, लेकिन जेल जाने का भय उसके मन से नहीं निकल सका और उसने फांसी लगा ली।