एक साल से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई और तय हो गया कि मेट्रो परियोजना का काम लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन अब खुद करेगी।
इसी के साथ यह भी स्पष्ट हो गया कि मेट्रो का काम ‘टर्न की मॉडल’ या टेंडर प्रक्रिया के जरिए किसी कंपनी को नहीं सौंपा जाएगा।
राजधानी में मेट्रो परियोजना को मूर्त देने का काम एलएमआरसी दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के साथ करेगी।
इसके अलावा डीएमआरसी केपूर्व एमडी और मेट्रो मैन केनाम से मशहूर ई. श्रीधरन को भी सलाहकार के रूप में एलएमआरसी से जोड़ लिया गया है।
इससे अब मेट्रो परियोजना के जल्द रफ्तार पकड़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं। पिछले करीब एक साल से यही संशय चल रहा था कि मेट्रो का काम किस मॉडल पर किया जाएगा।
कभी टेंडर प्रक्रिया से किसी कंपनी का चयन कर उसे काम देने की बात हो रही थी तो कभी ‘टर्न की’ मॉडल पर किसी एक कंपनी का चयन कर उसे ही पूरा का काम सौंपने की बात हो रही थी।
बीच में डीएमआरसी और रेलवे वित्त विकास निगम को भी काम दिए जाने की चर्चाएं उठीं मगर काम किस तरह होगा यह तय नहीं हो सका।
अब यह साफ हो गया है कि मेट्रो परियोजना का काम कोई बाहरी कंपनी नहीं बल्कि एलएमआरसी खुद करेगी और इस काम में उसकी मदद डीएमआरसी करेगी।
अगले माह आएंगे श्रीधरन
मेट्रो परियोजना को रफ्तार देने के लिए मेट्रो मैन ई. श्रीधरन अप्रैल के तीसरे सप्ताह में राजधानी आएंगे।
यहां पर वह एलएमआरसी केअधिकारियों केसाथ बैठक करेंगे और मेट्रो केप्रोजेक्ट के काम शुरू करने के लिए आवश्यक सुझाव देंगे।
करीब दो सप्ताह पहले भी श्रीधरन राजधानी आए थे। यहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात की थी।
इस दौरान उनके सामने एलएमआरसी के अधिकारियों ने मेट्रो प्रोजेक्ट का प्रजेंटशन भी किया था। मेट्रो सेल के एमडी राजीव अग्रवाल ने बताया कि श्रीधरन अप्रैल के तीसरे सप्ताह में आएंगे।