छह साल की मासूम पोती को खुश करने के लिए दादा ने जो फ्रूटी खरीदकर दी उसमें मरी हुई छिपकली निकली। फ्रूटी पीते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत में सुधार है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने फ्रूटी का पैकेट सीजकर सैंपल परीक्षण के लिए गोरखपुर प्रयोगशाला भेजा है। इसी के साथ दुकान में मिली संबंधित बैच की तीन पेटी फ्रूटी सीज कर पांच सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
कोतवाली नगर क्षेत्र के छोटीबाजार निवासी सत्यदेव गुप्ता घर के पास स्थित रामकुमार की दुकान से सोमवार रात अपनी पौत्री अंजलि के लिए फ्रूटी का पाउच लेकर आए थे। अंजलि फ्रूटी पी रही थी तभी उसने मिचली आने लगी। उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो घर वालों ने पाउच फाड़ा तो उसमें मरी छिपकली देख सकते में आ गए।
सत्यदेव की शिकायत पर रात में ही तहसील सदर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागीशमणि त्रिपाठी ने रामकुमार की दुकान पर छापा मारा।
इस तरह हुई कार्रवाई
बैच संख्या 28/06/15 की फ्रूटी की बिक्री पर रोक लगा दी गई। थोक विक्रेता को नोटिस, तीन दिन में सप्लाई किए गए माल को बाजार से वापस कराने को कहा। माल वापस होने पर उसे नष्ट कराया जाएगा।
छोटीबाजार में फ्रूटी के पाउच में छिपकली मिलने से लोग दहशत में आ गए हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग भी अलर्ट हो गया है। हालांकि, ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले माह आटे के पैकेट में मरी छिपकली मिली थी लेकिन अब तक नमूने का परीक्षण रिपोर्ट न आने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में फ्रूटी के मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई होगी ये तो वक्त ही बताएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागीशमणि त्रिपाठी का कहना है जिस पाउच में छिपकली निकली है, उस पाउच पर अंकित बैच नंबर के फ्रूटी पैक की बिक्री प्रतिबंधित करवाई जा रही है। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों को भी पत्र लिखकर जानकारी दी गई है। जिले के सभी शीतल पेय विक्रेताओं को भी अलर्ट किया गया है।
वागीश मणि त्रिपाठी ने बताया कि फ्रूटी के थोक विक्रेता हरिश्चंद्र के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर मंगलवार शाम को जांच की गई। इसके बाद हरिश्चंद्र को नोटिस देकर तीन दिन में सप्लाई किए गए पूरे माल को इकट्ठा कराने को कहा गया है। माल के इकट्ठा होने पर उसे टीम के सामने नष्ट कराया जाएगा।