बलरामपुर के महराजगंज तराई के लालनगर सिपहिया में शुक्रवार की दोपहर में पहुंचा तेंदुआ शनिवार की सुबह पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने गांव के बाहर पिंजड़ा लगाया था।
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बेलवा गांव में चार दिन पहले आदमखोर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद दूसरे तेंदुआ की दस्तक से लोग दहशत में आ गए थे। शुक्रवार को ही वन विभाग के विशेषज्ञ आरके सिंह टीम के साथ पूरी रात लगे रहे। ग्रामीण भी मुस्तैद रहे। तेंदुआ को पकड़ने का जाल बिछाया। सुबह तक तेंदुआ गिरफ्त में आ गया।
पिंजड़े में तेंदुआ काफी बेचैन रहा और घंटे भर में 14 बार दहाड़ कर छलांग लगाता रहा। पिंजड़े की सलाखों से टकराकर चोटिल हो गया। वन विभाग की टीम उसे भी जनकपुर रेंज ले गई है। पहले से ही जनकपुर रेंज दफ्तर में बेलवा में पकड़ा गया तेंदुआ रखा गया है। अब दोनों तेंदुओं को चिड़ियाघर गोरखपुर या लखनऊ भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
डीएफओ डा. एम सेम्मारन का कहना है दोनों तेंदुए पकड़ लिए गए हैं। शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। निर्देश मिलने पर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी भी टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगी।