पट्टा या लीज आवंटन में भूखंड लेने के 10 साल बाद भी निर्माण नहीं होने पर एलडीए ने कार्यवाही शुरू कर दी है। सभी योजनाओं में ऐसे भूखंडों के नामांतरण, नक्शा स्वीकृ ति, लीज बढ़ाने पर रोक लगा दी गई है।
15 दिन में ऐसे भूखंडों की सूची तैयार कर नोटिस देने का भी आदेश किया गया है। नोटिस का समय पूरी होने के बाद ऐसे भूखंड को जब्त करना भी शुरू हो जाएगा।
वीसी ने आदेश में कहा कि यूपी नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 18(4) में प्रावधान है कि पट्टे या लीज के माध्यम से तय अवधि में निर्माण न होने पर भूखंड को जब्त कर पुनप्रर्वेश किया जा सकता है।
धारा 4 क और उपधारा 4 में लीज आवंटन के साथ पांच साल का समय पूरा होने के बाद दो प्रतिशत लेवी के साथ पांच साल का अतिरिक्त समय दिया जाता है।
इस अवधि के भी खत्म होने के बाद भूखंड जब्त हो जाएगा। इससे पहले पट्टेदार को पर्याप्त अवसर अपना कारण बताने के लिए नोटिस के साथ दिया जाएगा। नोटिस के बाद सुनवाई कर भूखंड आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
वीसी ने तैयार कराया नोटिस का प्रारूप
वीसी ने नोटिस जारी करने के लिए अपनी निगरानी में इसका प्रारूप तैयार कराया है। नोटिस में आवंटी को 30 दिन का समय लीज डीड निरस्त करने से पहले दिया जाएगा। लीज या पट्टा निरस्त होने पर प्राधिकरण भूखंड पर कब्जा ले लेगा। एलडीए में अभी 10 साल पूरे होने के बाद भी लेवी जमा कर लीज बढ़ाने या नक्शा स्वीकृत कर देने का खेल चालू है। वीसी ने साफ किया कि ऐसी कोई फाइल आगे से स्वीकृत नहीं की जाएगी। वीसी ने इसे 1973 एक्ट के खिलाफ बताया है। सभी अधिकारियों को इसकी सूचना भी भेज दी गई है।
इन योजनाओं में मौजूद हैं ऐसी संपत्तियां
कानपुर रोड योजना, जानकीपुरम, गोमतीनगर फेज-1, ट्रांसपोर्टनगर, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कॉलोनियां जैसे महानगर आदि, नजूल व अर्बन सीलिंग की संपत्तियां। एलडीए अधिकारियों का आकलन है कि 1500 से अधिक ऐसी संपत्तियां लखनऊ में हैं, जिनके लीज डीड या पट्टे के बाद भी निर्माण नहीं कराए गए। आज भी ऐसे भूखंड खाली पड़े हैं। इससे जहां दूसरे लोगों को दिक्कतें होती हैं तो नियोजित विकास भी प्रभावित हो रहा है।
दिए जा रहे भ्रमित करने वाले आवंटन पत्र
एलडीए में फ्लैट खरीदने वाले आवंटियों को बाबू भ्रमित कर देने वाले आवंटन पत्र दे रहे हैं। अधिकारियों के सामने ऐसे मामले पहुंचे हैं, जिनमें 90 दिन के अंदर भुगतान करने पर पांच प्रतिशत की छूट की जानकारी दे दी गई है। अब इसके लिए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने स्थिति स्पष्ट कराई है। नायब तहसीलदार स्निग्धा चतुर्वेदी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि पांच प्रतिशत की छूट केवल 60 दिन के अंदर पूरा भुगतान करने पर 90 प्रतिशत राशि पर मिलेगी। 90 दिन में पूरा पैसा जमा करने पर केवल ब्याज से ही छूट आवंटी को मिलेगी। फ्लैट की कीमत पर कोई ब्याज इस अवधि में नहीं देना होगा। (माई सिटी रिपोर्टर)
तकनीकी दिक्कत में फंसा मुआवजा
एयरपोर्ट लिंक फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में भूखंड स्वामियों को मुआवजा देकर रजिस्ट्री कराना एलडीए ने शुरू कर दिया है। वहीं, आवंटियों को जो डीडी दिए जा रहे हैं। उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। सोमवार को एक आवंटी अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के पास इसकी शिकायत लेकर पहुंचे। अपर सचिव का कहना है कि कोई तकनीकी दिक्कत है। दो दिन में उनका भुगतान करा दिया जाएगा।