पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की जमीन हड़पने का खेल 22 साल पहले शुरू हुआ था। विवेचक शिवबली पांडेय ने बताया कि आधुनिक सहकारी गृहनिर्माण समिति लिमिटेड की आड़ में जमीन हड़पने का खेल शुरू हुआ था। कपिल प्रताप राना ने चौक के कटरा अबू तराब खां निवासी व वक्फ मस्जिद एवं कब्रिस्तान बालाकगंज के मुतवल्ली खुर्शीद आगा के साथ मिलकर 17 मार्च 1997 को एक फर्जी असाइनमेंट डील कराई। उक्त डील में चौक के जहीर आगा और गोलागंज के बारूदखाना निवासी इकबाल बेग की फर्जी गवाही कराई गई। इसके बाद सरोजनीनगर के बिजनौर पिपरसंड स्थित जमीन को बिल्डर अभिषेक गोयल और अशोक पाठक को बेच दिया गया।
इस सौदे में नाका के पानदरीबा निवासी सुखमन गिल व एमजीएसएफ थमैया रोड लखनऊ कैंट में रहने वाली अर्चना हांडा को गवाह बनाया गया। वीरेंद्र का कहना है कि कपिल प्रताप राना आधुनिक गृह निर्माण समिति का सचिव है न ही उसे समिति के किसी भी कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जमीन को बेचा गया वह कभी सहकारी गृह निर्माण समिति के स्वामित्व व कब्जे में नहीं रही। पुलिस के मुताबिक, कपिल और अन्य लोगों ने दस्तावेजों में जो फर्जीवाड़ा किया उसका खुलासा उपनिबंधक कार्यालय में दस्तावेजों की जांच में हुआ था। निबंधन विभाग ने उक्त फर्जीवाड़े की एफआईआर भी दर्ज कराई थी।