बसपा शासन में हुए तकरीबन 300 करोड़ के लैकफेड घोटाले की जांच के बाद गुरुवार को विशेष न्यायाधीश ने अपनी सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश लल्लू सिंह ने प्रमुख दोषियों को सजा सुनाई है। न्यायाधीश लल्लू सिंह ने लैकफेड कंपनी के एमडी बह्म प्रकाश सिंह को 10 साल की सजा और 1 करोड 30 लाख जुर्माना, चीफ इंजीनियर पंकज त्रिपाठी और गोविंद शरण श्रीवास्तव को 10-10 साल की सजा और 90-90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
अजय कुमार दोरेह और दिनेश कुमार साहू को सात-सात की सजा और 25 और 50 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा। संजय कुमार को 5 साल की सजा और 5 लाख रुपए जुर्माना देना होगा। वहीं लेखाकार अनिल कुमार अग्रवाल को तीन साल की सजा और 60 हजार जुर्माना भरना होगा।
भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश लल्लू सिंह ने अपने आदेश में आश्चर्य जताया कि जांच अधिकारी ने 23 इंजीनियरों की कारगुजारी पर चुप्पी साधे रखी। मुख्य जांच अधिकारी आदित्य प्रकाश गंगवार उनके सहयोगी विवेचक रहे राम निहोर गौतम और एसपी सिंह चौहान के कामकाज के तौर-तरीकों पर सख्त ऐतराज जताया।