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ट्रांसफर के लिए टीचर ने किया बड़ा खेल, बीएसए भी नहीं पकड़ पाए इनका कारनामा

Fri, 30 Mar 2018 03:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
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डेमो
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परिषदीय विद्यालयों में अंतरजनपदीय तबादले के लिए एक शिक्षिका ने आवेदन में अपनी तैनाती 1916 की दर्शाई। बीएसए ने आवेदन को सत्यापित कर सूची बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी। यहां जब अफसरों ने 102 वर्ष पूर्व नौकरी लगने की बात देखी तो वे हैरान रह गए।
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उन्होंने बीएसए से जवाब मांगा है। वहीं कुछ अन्य जिलों में भी शिक्षकों ने 1961 या उसके आसपास के वर्षों में तैनाती दर्शाई है और उनके आवेदन भी बीएसए से सत्यापित होकर परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हो चुके हैं। 

दरअसल, अंतरजनपदीय तबादले में शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता मिलनी है। प्रदेशभर से आए अंतरजनपदीय तबादले के आवेदकों की सूची तीन दिन पहले ही परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हुई। अफसरों ने जब इसकी जांच शुरू की तो गड़बड़ी सामने आने लगी।
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ऐसा ही एक मामला सिद्धार्थनगर का है। यहां तैनात एक शिक्षिका ने आवेदन संख्या 07797 में तैनाती की तिथि दो जनवरी 1916 दर्शाई और कुल सेवाकाल 35 वर्ष लिखा। इस गड़बड़ी को नजरअंदाज करते हुए बीएसए ने सत्यापन के दौरान वरिष्ठता के आधार पर शिक्षिका को 40 अंक भी दे दिए।

 
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बीएसए से किया जवाब-तलब

- फोटो : amar ujala
शिक्षिका ने स्थानांतरण के लिए इलाहाबाद का विकल्प भरा है, क्योंकि उनके पति इलाहाबाद में कार्यरत हैं। इसी तरह कई अन्य जिलों में भी शिक्षकों के आवेदन पत्रों में तैनाती का वर्ष 1961 या फिर उसके आसपास दर्शाया गया है।

कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने संबंधित जिलों के बीएसए से जवाब-तलब किया है। बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन दो चरणों में लिए गए थे।

इसके लिए प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किए। इसी माह संबंधित बीएसए कार्यालय में दस्तावेजों के साथ शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन के सत्यापन की जिम्मेदारी बीएसए को दी गई। कई जिलों में बीएसए ने आवेदनों का सत्यापन आंख मूंद के किया।
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