सेफ्टी टैंक से बरामद किया गया था शिवा का शव
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मधु ने कुबूला कि उसने पति की हत्या करवाचौथ के तीन दिन पहले की थी। शिवा के मौत की खबर किसी को न लगे, इसके लिए उसने नाटक रचा। वह सिंदूर लगाती रही। उसने 19 अक्तूबर को करवाचौथ का व्रत रखकर मोहल्ले की महिलाओं के साथ मिलकर पूजा भी की।
करवाचौथ के दिन नीरज के साथ बाजार से शृंगार का सामान खरीदा। देर शाम को घर पहुंची। पड़ोसियों ने शिवा के बारे में पूछा तो मधु ने बताया कि वह बलरामपुर गया है। वारदात के 15 दिन बाद मधु सेमरा में किराये के मकान में नीरज के साथ रहने चली गई।
हत्या के बाद पांच घंटे प्रेमी संग घूमी
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद नीरज और मधु साइकिल से करीब पांच घंटे तक बाजार में घूमते रहे। देर रात लौटे और शिवा का हाथ-पैर बांधकर आंगन में सेफ्टी टैंक में डाल दिया। इसके बाद घर की साफ-सफाई कर सो गए। सुबह उठकर नीरज अपने घर निकल गया।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नागेश मिश्रा के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में मधु ने कुबूला कि घर पर नीरज का पहले से आना-जाना था। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। करवाचौथ के तीन दिन पहले शिवा किसी काम से बाहर गया था। लौटा तो नीरज और मधु को आपत्तिजनक हालत में देखा। इस पर उसने नीरज के सामने मधु को कई तमाचे लगा दिए। इस पर दोनों ने मिलकर शिवा का गला दबाकर हत्या कर दी।
25 दिन बाद शिवा के मामा को दी थी सूचना
पुलिस के मुताबिक शिवा की ननिहाल इंदिरानगर में है। उसके मामा को 25 दिन बाद 10 नवंबर को फोन कर सूचना दी कि शिवा लापता हो गया है। इस पर मामा जनकराज व मामी कुसुम ने बेटे प्रदीप को शिवा के घर भेजा।
प्रदीप ने पिता को बताया कि मधु ने सिर्फ यही बताया कि शिवा बिना बताए बलरामपुर चला गया है। वहीं, प्रदीप को पड़ोसियों ने बताया कि शिवा काफी दिनों से दिख नहीं रहा। मामा के कहने पर मधु दो दिन बाद मड़ियांव थाने गई। हालांकि वह गेट से ही लौट गई। साथ ही मामा को बताया कि पुलिस ने तहरीर ले ली है।
शिवा के रिश्तेदारों के मुताबिक मामा लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन शिवा का कोई सुराग नहीं लग रहा था। उधर उसकी पत्नी भी किराये के मकान में रहती थी। बार-बार पूछने पर वह टालमटोल करने लगती। इस पर संदेह तो होता, पर पत्नी होने के कारण भरोसा करना पड़ता। इसी बीच सूचना मिली कि नीरज और मधु पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं तो शक गहरा गया।
इस पर 25 फरवरी को जनकराज ने थाने में तहरीर दी। तत्काल प्रभारी निरीक्षक नागेश मिश्रा ने उनकी तहरीर मिलने पर मधु को थाने बुलाया। देर रात उसने पुलिस के सामने कुबूल कर लिया कि प्रेमी नीरज के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। फरवरी 2017 में पुलिस ने सेफ्टी टैंक से शिवा का कंकाल बरामद किया था।
पुलिस के मुताबिक नीरज फुटपाथ पर एक नर्सिंग दंपती को मिला था। वहां कुछ साल रहने के बाद दुकान पर काम करने लगा। इसके बाद दूसरी जगह चला गया। जहां वह काम करता, वहीं मालिकों के घर में रहता था। उसकी शादी भी ठाकुरगंज की रहने वाली एक युवती से हुई थी। कुछ साल बाद उसके रिश्ते टूट गये। इसी बीच उसका प्रेम संबंध मधु से हो गया। हत्या के बाद से वह फरार है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
क्षेत्राधिकारी अलीगंज दीपक कुमार सिंह का कहना है कि हत्याकांड के फरार आरोपी नीरज की तलाश की जा रही है। कुछ दिन पहले उसके लखनऊ में होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की, पर वह हाथ नहीं लगा। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।