मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मेडिकल इन्फेक्शन को हर हाल में रोका जाना आवश्यक है। उन्होंने अस्पतालों में पीपीई, एन-95 मास्क व सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल चिह्नित किए जाएं। सुनिश्चित करें कि कोरोना के मरीज कोविड अस्पताल में ही भर्ती किए जाएं। अन्य रोगों के उपचार के लिए मरीज को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टाफ को संक्रमण से बचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। चिकित्सालयों में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए इमरजेंसी सेवाएं शुरू की जाएं।
हॉटस्पॉट में मेडिकल, सैनिटाइजेशन व होम डिलीवरी टीम ही जाएं
सीएम ने कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया। सोशल डिस्टेंसिंग हर हाल में बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सैनिटाइजेशन तथा होम डिलीवरी टीम ही जाएं।
उन्होंने कहा कि 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक, स्वास्थ्य व पुलिस अधिकारी भेजने का निर्णय लिया गया है। ये अधिकारी जिलों में एक-एक सप्ताह कैंप कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देख-रेख में पूरी कराएंगे।
योगी ने फिर पूल टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि एल-1, एल-2 तथा एल-3 चिकित्सालयों में बेड्स की संख्या बढ़ाई जाए। एल-2 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन तथा हर 10 बेड पर एक वेंटिलेटर उपलब्ध रहना चाहिए। एल-1 चिकित्सालय में प्रत्येक 5 बेड पर एक ऑक्सीजन सिलेंडर सुनिश्चित किया जाए।
जिला स्तर पर प्रशासन, पुलिस तथा मेडिकल की टीम आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। जिला स्तर पर साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, लॉजिस्टिक, संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों के ठहरने व भोजन की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंपते हुए अच्छी व्यवस्था की जाए।
निजी व सरकारी डॉक्टरों को टेलीमेडिसिन से जोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से आम लोगों को सुगमतापूर्वक चिकित्सीय परामर्श दिया जा सकता है। प्रत्येक डीएम व सीएमओ अपने जिले के सरकारी व निजी चिकित्सकों की बैठक कर उनसे इस सुविधा से जुड़ने का आग्रह करें। टेली कंसल्टेंसी प्रदान करने के इच्छुक डॉक्टरों के फोन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।