अखिलेश यादव सरकार ने शनिवार को ‘हर हुनर को काम’ के नारे के साथ प्रदेश में कौशल विकास मिशन की शुरुआत की।
इसके तहत साढ़े तीन वर्षों में 44 लाख युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर करीब 4200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों की मौजूदगी में कौशल विकास मिशन का ‘लोगो’ व मिशन संदेश जारी किया। साथ ही उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बढ़ाई गई सीटों की निर्देशिका का विमोचन भी किया।
इस मौके पर रेमंड्स कंपनी और मिशन के बीच एक एमओयू हुआ। इसके अंतर्गत कंपनी प्रदेश के पांच स्थानों पर विश्वस्तरीय टेलरिंग प्रशिक्षण केंद्र खोलेगी और युवाओं को प्रशिक्षित करेगी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के प्रशिक्षण के लिए चुनी गई 42 संस्थाओं में से पांच के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) भी सौंपा।
मुख्यमंत्री नेप्रदेश में तेजी से तरक्की का दावा करते हुए कहा कि अकेले स्वास्थ्य विभाग में 20 हजार से अधिक प्रशिक्षित लोगों कोनौकरियां दी गई हैं। मेडिकल कॉलेजों में भी नौकरियां मिली हैं।
प्रस्तावित आईटी सिटी, मेडिकल कॉलेजों तथा मेट्रो रेल परियोजना से आने वाले समय में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सपा सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिले। इसके लिए प्रशिक्षण जरूरी है और कौशल विकास मिशन इसमें अहम भूमिका निभाएगा।
माया सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि पिछली सरकार ने केंद्र की इस योजना को ठप कर दिया था। आईटीआई को जर्जर हालत में पिछली सरकार ने पहुंचाया।
मौजूदा सरकार इसे बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे युवाओं के साथ-साथ देश व प्रदेश का भविष्य भी संवरेगा। आईटीआई में 600 से ज्यादा प्रशिक्षण कोर्स चलेंगे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर व अच्छी ट्रेनिंग देने वालों का भी इंतजाम करना होगा। निजी क्षेत्र को भी आगे लाना होगा। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।
इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कौशल विकास मिशन के उद्देश्यों, लक्ष्य और उसके क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा, विभाग आज से एक महत्वपूर्ण यात्रा शुरू करने जा रहा है। समारोह में व्यावसायिक प्रशिक्षण केबाद रोजगार पाने वाली झांसी की राखी वर्मा व बहराइच के इजराइल अली ने अपने अनुभव सुनाए।
प्रदेश में खुलेंगे 34 और सरकारी आईटीआई
प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 34 और सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कौशल विकास मिशन कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर 34 आईटीआई भवनों की आधारशिला भी रखी।
प्रदेश में मौजूदा समय 267 सरकारी आईटीआई हैं और 19 निर्माणाधीन हैं। इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि और सरकारी आईटीआई खोले जाएं, ताकि अधिक से अधिक छात्र प्रशिक्षित हो सकें।